ऑल टाइम हाई के बाद सोने-चांदी में आई तेज गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है। 30 जनवरी को कीमती धातुओं में ऐसी बिकवाली दिखी, जिसने निवेशकों की नींद उड़ा दी। प्रॉफिट बुकिंग के दबाव में Multi Commodity Exchange (MCX) पर चांदी एक ही दिन में करीब ₹1.10 लाख यानी लगभग 27 प्रतिशत टूट गई और 1 किलो चांदी का भाव फिसलकर ₹2.91 लाख पर आ गया। ठीक एक दिन पहले, 29 जनवरी को यही चांदी ₹4.01 लाख प्रति किलो के स्तर पर थी। इसी तरह सोने में भी भारी करेक्शन देखने को मिला। 10 ग्राम सोना करीब ₹20 हजार (करीब 12 प्रतिशत) गिरकर ₹1.49 लाख पर आ गया, जबकि 29 जनवरी को यह ₹1.69 लाख के आसपास था। अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों के साथ-साथ पूरे सर्राफा और कमोडिटी बाजार में दबाव बढ़ा दिया है।
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के भाव देखें तो दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में यह करीब ₹1.70 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। मुंबई और रायपुर में भी भाव इसी रेंज में रहे, जबकि चेन्नई में कीमत अपेक्षाकृत ऊँची रही। साफ है कि गिरावट के बावजूद सोना अभी भी ऐतिहासिक रूप से महंगे स्तर पर बना हुआ है, लेकिन हालिया उछाल की तुलना में बाजार ने तेज सांस ली है।
इस अचानक आई गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मुनाफावसूली माना जा रहा है। बीते कुछ दिनों में सोना और चांदी जिस रफ्तार से रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँचे थे, उसके बाद निवेशकों का प्रॉफिट बुक करना लगभग तय था। जैसे ही बड़े स्तर पर बिकवाली शुरू हुई, कीमतें तेजी से नीचे फिसलती चली गईं। इसके साथ ही ऑल टाइम हाई के बाद फिजिकल डिमांड में आई कमजोरी ने भी बाजार को सपोर्ट नहीं दिया। महंगे दामों पर ज्वेलरी और इंडस्ट्रियल डिमांड दोनों ही सुस्त पड़ी, जिससे गिरावट को और हवा मिली।
एक और अहम वजह मार्जिन बढ़ने का असर है। सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक Chicago Mercantile Exchange (CME) ने सोना और चांदी दोनों पर मार्जिन बढ़ा दिया। सोने के लिए मार्जिन 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत और चांदी के लिए 11 प्रतिशत से 15 प्रतिशत कर दिया गया। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि ट्रेडर्स को अब ज्यादा सिक्योरिटी मनी रखनी होगी। जिन लोगों ने पहले से पोजीशन ले रखी थी, उन्हें अतिरिक्त रकम जुटानी पड़ी और जिनके पास तुरंत फंड नहीं था, उन्हें मजबूरी में बिकवाली करनी पड़ी। जब एक साथ बड़ी संख्या में ट्रेडर्स बेचने लगते हैं, तो कीमतें तेजी से नीचे आती हैं—और इस बार यही देखने को मिला।
सर्राफा बाजार में भी इसका असर साफ दिखा। यहां 1 किलो चांदी का भाव गिरकर करीब ₹3.39 लाख पर आ गया, यानी इसमें ₹40 हजार से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना भी करीब ₹9,500 सस्ता होकर ₹1.65 लाख के आसपास आ गया। हालांकि सर्राफा बाजार शाम 5 बजे बंद हो जाता है, इसलिए यहां उतार-चढ़ाव वायदा बाजार की तुलना में थोड़ा कम रहता है। दूसरी ओर वायदा बाजार देर रात तक खुला रहने के कारण हर सेकंड बदलती बोली-भाव के साथ ज्यादा तेज मूवमेंट दिखाता है।
कुल मिलाकर, सोने-चांदी में यह गिरावट बाजार के लिए एक बड़ा रिमाइंडर है कि रिकॉर्ड तेजी के बाद करेक्शन आना स्वाभाविक है। आगे की दिशा अब ग्लोबल संकेतों, ब्याज दरों, डॉलर की चाल और निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी। निवेशकों के लिए यह वक्त उत्साह से ज्यादा सतर्कता का है, क्योंकि कीमती धातुओं की चमक फिलहाल कुछ फीकी जरूर पड़ी है, लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।