अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस ऐलान ने, जिसमें भारत पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने की बात कही गई, भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। सोमवार 3 फरवरी को बाजार खुलते ही निवेशकों का भरोसा लौटता दिखा और इसका असर सीधे सेंसेक्स और निफ्टी पर पड़ा। सेंसेक्स करीब 2500 अंकों की जोरदार छलांग लगाकर 84,000 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी भी लगभग 700 अंक चढ़कर 25,800 के आसपास पहुंच गया।
इस तेजी की अगुवाई रियल्टी, आईटी और ऑटो सेक्टर ने की। रियल एस्टेट शेयरों में सबसे ज्यादा जोश दिखा और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 5 फीसदी तक उछल गया। आईटी और ऑटो शेयरों में भी करीब 4 फीसदी की मजबूती देखी गई। मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर और बैंकिंग सेक्टर में भी करीब 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। कुल मिलाकर निफ्टी 50 के 46 शेयर हरे निशान में रहे, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत नजर आई।
यह तेजी ऐसे वक्त आई है, जब बजट के दिन STT टैक्स बढ़ने के ऐलान से बाजार दबाव में आ गया था। 1 फरवरी को सेंसेक्स 1546 अंक टूटकर बंद हुआ था। इसके बाद 2 फरवरी को बाजार ने संभलते हुए 943 अंकों की रिकवरी दिखाई और सेंसेक्स 81,666 पर बंद हुआ। अब भारत-अमेरिका ट्रेड डील की खबर ने इस रिकवरी को रफ्तार दे दी है।
ट्रंप ने 2 फरवरी को यह दावा किया था कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बन गई है, जिसके तहत टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 फीसदी रह जाएगा। उनके बयान के मुताबिक भारत रूस से तेल खरीद कम करेगा और अमेरिका से ज्यादा ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और कृषि उत्पाद खरीदेगा। इसी उम्मीद ने बाजार के सेंटिमेंट को पूरी तरह पलट दिया।
टैरिफ कट का सीधा फायदा भारतीय निर्यात आधारित सेक्टर्स को मिलता दिख रहा है। अमेरिकी बाजार में ‘मेड इन इंडिया’ प्रोडक्ट्स सस्ते होंगे, जिससे टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग, सीफूड और ज्वैलरी जैसे सेक्टर की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका असर न सिर्फ कंपनियों के मुनाफे पर पड़ेगा, बल्कि शेयर बाजार और रुपये की मजबूती में भी दिख सकता है।
हालांकि विदेशी निवेशकों की तस्वीर अभी पूरी तरह सकारात्मक नहीं है। 2 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 1,859 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,411 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। दिसंबर 2025 में भी FIIs ने भारी बिकवाली की थी, लेकिन DIIs की मजबूत खरीदारी ने बाजार को टूटने से बचाए रखा।
कुल मिलाकर ट्रंप के टैरिफ कट ऐलान ने भारतीय बाजार में नया जोश भर दिया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि यह ट्रेड डील कब और किस रूप में आधिकारिक तौर पर लागू होती है, क्योंकि उसी पर इस तेजी की लंबी उम्र तय होगी।