IND vs AFG Semi Final: छठे खिताब की दहलीज़ पर भारत, अफगानिस्तान के सामने इतिहास बदलने की चुनौती

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हरारे की शाम बुधवार को सिर्फ एक सेमीफाइनल नहीं देखेगी, बल्कि भविष्य के अंतरराष्ट्रीय सितारों का कड़ा इम्तिहान भी तय करेगी। अंडर-19 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारत और अफगानिस्तान आमने-सामने होंगे—एक तरफ रिकॉर्ड छठा खिताब जीतने की दावेदार भारतीय टीम, दूसरी ओर पहली बार फाइनल का दरवाज़ा खटखटाने उतरी अफगानिस्तान की जिद्दी युवा ब्रिगेड। दांव फाइनल का है, लेकिन असली लड़ाई पहचान और इतिहास लिखने की है।

भारत अब तक टूर्नामेंट में अजेय रहा है और आंकड़े उसके पक्ष में खड़े हैं। पांच बार की चैंपियन टीम की नज़र छठी ट्रॉफी पर टिकी है। कप्तान आयुष म्हात्रे की अगुआई वाली यह टीम रोटेशन नीति के बावजूद संतुलित दिखी है, मगर सेमीफाइनल का दबाव अलग होता है—यहां चूक की कोई गुंजाइश नहीं। जीत ही आगे का रास्ता खोलेगी, हार का मतलब सफर का अंत।

अफगानिस्तान की कहानी भी कम रोमांचक नहीं। टीम ने इस वर्ल्ड कप में साहस और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है और सिर्फ एक मैच गंवाया है। 2018 और 2022 में सेमीफाइनल तक पहुंचने के बावजूद फाइनल से चूकने वाली अफगान टीम इस बार इतिहास रचने के इरादे से उतरेगी। अगर वह फाइनल में पहुंचती है, तो यह किसी भी स्तर पर उसका पहला वर्ल्ड कप फाइनल होगा—एक ऐसा पल जो देश के क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा।

भारतीय बल्लेबाजी अब तक पूरी तरह लय में नहीं दिखी है, ऐसे में निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर टिकेंगी। टूर्नामेंट में उनके 196 रन और 39.20 का औसत बताता है कि बड़ी पारी उनसे निकल सकती है। ऑलराउंडर विहान मल्होत्रा भारत के लिए अब तक इकलौते शतकवीर रहे हैं—जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 109 और बांग्लादेश के खिलाफ 4/14 का प्रदर्शन उनकी उपयोगिता को रेखांकित करता है। हरारे की पिच पर उनका ऑलराउंड खेल निर्णायक साबित हो सकता है।

अफगानिस्तान के लिए नंबर तीन पर खेलने वाले फैसल शिनोजादा सबसे बड़ा हथियार हैं। 325 रन, 81.25 का औसत और आयरलैंड के खिलाफ 163 रन की पारी—यह फॉर्म किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की परीक्षा लेने के लिए काफी है। गेंदबाजी में नूरिस्तानी उमरजई की धार टीम की रीढ़ है; 12 विकेट और 11.58 का औसत बताता है कि वह मैच पलटने का माद्दा रखते हैं।

यूथ वनडे इतिहास में भारत का पलड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच खेले गए 12 मुकाबलों में भारत ने 10 जीते हैं। 2024 में साउथ अफ्रीका की त्रिकोणीय सीरीज में अफगानिस्तान को 88 रन पर समेटकर 9 विकेट से मिली जीत भी याद दिलाती है कि अनुभव कितनी बड़ी पूंजी होता है। फिर भी, सेमीफाइनल में अतीत नहीं, वर्तमान खेलता है।

वैभव सूर्यवंशी के लिए यह अंडर-19 स्तर पर आखिरी टूर्नामेंट भी हो सकता है। यूथ वनडे में 23 पारियों में 1169 रन और 158.18 का स्ट्राइक रेट—500 से ज्यादा रन बनाने वालों में सबसे बेहतरीन—उनकी खास पहचान है। अब सवाल यही है कि क्या अनुभव और इतिहास एक बार फिर भारत को मंज़िल तक ले जाएगा, या अफगानिस्तान अपनी कहानी का सबसे यादगार अध्याय लिख देगा।

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