रायपुर में शराब की कीमतों को लेकर चल रही अटकलों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ-साफ विराम लगा दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में फिलहाल शराब महंगी नहीं होने जा रही है और 1 अप्रैल से दाम बढ़ने की चर्चाएं पूरी तरह भ्रामक हैं। शासन का कहना है कि अभी केवल शराब पर लगने वाली ड्यूटी की दरें तय की गई हैं, न कि फुटकर बिक्री की कीमतें।
राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक देशी, विदेशी मदिरा और बियर पर ड्यूटी दरों का निर्धारण किया गया है। इनमें से अधिकतर मदिरा की ड्यूटी दरें पिछले वर्ष की तरह ही यथावत रखी गई हैं। केवल चीप रेंज और कुछ देशी मदिरा की ड्यूटी दरों में आंशिक संशोधन किया गया है, जिसे सीधे तौर पर कीमतों में बढ़ोतरी से जोड़कर देखना गलत होगा। सरकार का कहना है कि इसी गलतफहमी के कारण बीते दिनों बाजार और सोशल मीडिया में शराब महंगी होने की अफवाह तेजी से फैली।
इस पूरे मामले पर आबकारी विभाग ने भी स्थिति स्पष्ट की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मदिरा की फुटकर विक्रय दरें केवल ड्यूटी के आधार पर तय नहीं होतीं, बल्कि इसमें कई अन्य घटक शामिल होते हैं। शराब की खरीदी दर, सीव्हीडी दर, अधिभार और अधोसंरचना शुल्क जैसे कई कारक मिलकर अंतिम कीमत तय करते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए रेट ऑफर, मदिरा की खरीदी दर, सीव्हीडी दर, अधिभार और अधोसंरचना शुल्क से जुड़ी प्रक्रिया अभी जारी है। जब तक यह पूरी प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक यह कहना जल्दबाजी होगी कि शराब की फुटकर कीमतों में कोई बढ़ोतरी होगी। फिलहाल सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा समय में शराब के दाम बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।
कुल मिलाकर सरकार का यह बयान उन लोगों के लिए राहत भरा है, जो 1 अप्रैल से शराब महंगी होने की खबरों से परेशान थे। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि जब तक सभी आर्थिक और नीतिगत पहलुओं पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक कीमतों में बदलाव की बात करना महज अफवाह है।