भिलाई में दिए गए बयान से छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने अमेरिका में सामने आई एपस्टीन फाइल्स को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उनका कहना है कि अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक होते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है, लेकिन भारत में भाजपा और उसका शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन साधे हुए है।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि इन दस्तावेजों को लेकर वैश्विक चर्चाओं में नरेंद्र मोदी के नाम की चर्चा की जा रही है। इसके बावजूद भाजपा की ओर से कोई स्पष्ट जवाब या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि कश्मीर फाइल और केरल फाइल जैसे मुद्दों पर भाजपा ने न सिर्फ जोरदार राजनीति की, बल्कि फिल्मों और प्रचार के जरिए माहौल बनाया गया। अब जब मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर का और कहीं ज्यादा गंभीर बताया जा रहा है, तो वही भाजपा चुप क्यों है—यही सवाल देश के सामने है।
भिलाई में मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि समाज को बांटने वाले विमर्श पर भाजपा खुलकर बोलती रही है, लेकिन जब अमेरिका के न्याय विभाग की कार्रवाई के बाद एपस्टीन फाइल्स दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई हैं, तब भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री की खामोशी कई संदेह पैदा करती है। उन्होंने पूछा कि अगर पहले फाइल्स पर शोर मचाया गया, तो अब इस फाइल पर चुप्पी क्यों?
एपस्टीन प्रकरण से जुड़े खुलासों के बाद अमेरिका समेत कई देशों में प्रभावशाली हस्तियों के नाम सामने आने की चर्चाएं तेज हैं। इसी संदर्भ में भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह इस विषय पर देश को स्थिति स्पष्ट करे। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना उतना ही जरूरी है, जितना सत्ता में बैठे लोगों का जवाब देना।
फिलहाल इस बयान पर भाजपा या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन भूपेश बघेल के इस हमले के बाद यह साफ है कि एपस्टीन फाइल का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय दायरे से निकलकर अब घरेलू राजनीति में भी नई बहस को जन्म दे चुका है।