देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा कराने वाली संस्था Union Public Service Commission इन दिनों सोशल मीडिया पर आलोचनाओं के घेरे में है। वजह बना सिविल सेवा परीक्षा 2026 का वही नोटिफिकेशन, जिसमें परीक्षा से पहले ही लगभग 40 गंभीर भाषाई और स्पेलिंग की गलतियां सामने आ गई हैं। नोटिफिकेशन 4 फरवरी को जारी किया गया था, लेकिन जैसे ही उम्मीदवारों ने इसे ध्यान से पढ़ा, गलतियों की लंबी फेहरिस्त सामने आ गई।
नोटिफिकेशन के पेज 2 पर ही ‘Examination’ को ‘Examinaiton’ और ‘Candidates’ को ‘Cadidates’ लिखा गया है। आगे बढ़ें तो पेज 7 पर ‘Benchmark’ की जगह ‘Bechmark’ और ‘Functional’ को ‘Functinal’ लिखा मिला। पेज 8 पर तो हद ही हो गई, जहां ‘Abbreviations’ को ‘Abbriviations’ लिखा गया। इसी तरह पूरे दस्तावेज़ में एक के बाद एक बेसिक गलतियां दिखती रहीं, जिन्हें देखकर उम्मीदवार हैरान रह गए।
जैसे ही ये स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए, आयोग की जमकर ट्रोलिंग शुरू हो गई। कई उम्मीदवारों ने सवाल उठाया कि अगर वे परीक्षा में ऐसी ही स्पेलिंग की गलती कर दें, तो क्या उनके नंबर काट लिए जाएंगे? कुछ यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा कि जिस आयोग से परफेक्शन की उम्मीद होती है, उसी के आधिकारिक दस्तावेज़ में इतनी चूक कैसे हो सकती है।
आलोचकों का कहना है कि UPSC जैसी संवैधानिक संस्था से इस तरह की लापरवाही उसके प्रोफेशनलिज्म पर सवाल खड़े करती है। सिविल सेवा परीक्षा के जरिए चुने गए अधिकारी देश में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सचिव और राजनयिक जैसे अहम पदों पर काम करते हैं। ऐसे में जिस नोटिफिकेशन से चयन प्रक्रिया शुरू होती है, उसमें ही बुनियादी गलतियां होना कई लोगों को खटक रहा है।
वहीं, शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रूफरीडिंग में हुई चूक का मामला हो सकता है। उन्होंने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे नोटिफिकेशन पढ़ते समय सतर्क रहें और आवेदन फॉर्म भरते वक्त किसी भी जानकारी को दोबारा अच्छे से जांच लें, ताकि किसी तरह की गलती न हो।
इन तमाम विवादों के बीच सिविल सेवा परीक्षा 2026 की आवेदन प्रक्रिया जारी है। उम्मीदवार 24 फरवरी 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के तहत सिविल सेवा परीक्षा के लिए 933 पद और भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 के लिए 80 पद निर्धारित किए गए हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में किस्मत आजमाते हैं। 2025 में 10 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 4,161 प्रीलिम्स पास कर पाए, 2,736 इंटरव्यू तक पहुंचे और आखिरकार 979 उम्मीदवारों का चयन हुआ। ऐसे में परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए नोटिफिकेशन में हुई यह चूक लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहने वाली है।