जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में हैंड्स-ओनली सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम का चौथा सत्र आयोजित

Spread the love

सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा 02 फरवरी, 2026 को हैंड्स-ओनली सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों में जन जागरूकता बढ़ाना तथा आपातकालीन परिस्थितियोंविशेषकर अचानक हृदयगति रुकने की स्थिति मेंजीवनरक्षक कौशल प्रदान करना था। यह पहल चिकित्सालय द्वारा सामुदायिक आपातकालीन तैयारियों को सुदृढ़ करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। कार्यक्रम का संचालन मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. विनीता द्विवेदीमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय कुमार के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम में आम नागरिकों को केंद्र में रखते हुए उन्हें हैंड्स-ओनली सीपीआर की सही तकनीक से अवगत कराया गयाताकि वे किसी भी आपात स्थिति में चिकित्सकीय सहायता के पहुंचने से पूर्व त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया दे सकें। प्रशिक्षण सत्र में विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि अचानक हृदयगति रुकने की स्थिति में आसपास मौजूद सामान्य नागरिकों की तत्परता एवं सही तकनीक से जीवन बचाने की संभावना उल्लेखनीय रूप से बढ़ जाती है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पहले जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से प्रक्रिया समझाई गईतत्पश्चात संरचित प्रायोगिक अभ्यास सत्र आयोजित किए गए। इसमें कार्डियक अरेस्ट की शीघ्र पहचानआपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को तुरंत सूचित करने तथा निरंतर एवं उच्च गुणवत्ता वाले चेस्ट कंप्रेशन की महत्ता पर विशेष बल दिया गयाजो उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने तक रक्त संचार बनाए रखने में सहायक होते हैं।

हैंड्स-ओनली सीपीआर के व्यावहारिक प्रदर्शन एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. तनुजाडॉ. कुमुदनीडॉ. निलेश एवं डॉ. प्रिया द्वारा किए गए। उन्होंने प्रतिभागियों को चरणबद्ध तरीके से संपूर्ण प्रक्रिया समझाईउनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा वास्तविक परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ सीपीआर देने हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया।

उल्लेखनीय है कि जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्रभिलाई में हैंड्स-ओनली सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस को ओपीडी परिसर में नियमित रूप से आयोजित किया जाता हैजिससे अधिक से अधिक नागरिक इस महत्वपूर्ण जीवनरक्षक कौशल से लाभान्वित हो सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *