पिछला हफ्ता भारतीय आईटी सेक्टर के लिए किसी झटके से कम नहीं रहा। शेयर बाजार में आईटी कंपनियों के शेयर इस कदर गिरे कि करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू देखते-देखते उड़ गई। हैरानी की बात यह रही कि इसके पीछे न तो किसी वैश्विक मंदी की आहट थी, न ही आईटी सर्विसेज की मांग में अचानक गिरावट—बल्कि वजह बनी अमेरिका की एक एआई कंपनी Anthropic और उसका नया टूल Claude Cowork।
एंथ्रोपिक में जहां कुल मिलाकर करीब 2,500 कर्मचारी हैं, वहीं भारत की टॉप-5 आईटी कंपनियों में लगभग 15 लाख लोग काम करते हैं। इसके बावजूद एक छोटा सा एआई प्रोडक्ट निवेशकों के मन में इतना डर पैदा कर गया कि आईटी शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। सवाल यही है कि आखिर Claude Cowork में ऐसा क्या है, जिसने पूरी सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री को चौकन्ना कर दिया?
अब तक आम लोग ChatGPT या Gemini जैसे चैटबॉट्स से परिचित थे। इनका इस्तेमाल सवाल पूछने, ईमेल लिखवाने या रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित था। यानी ये ऐसे टूल थे, जो जानकारी देते हैं—बाकी काम इंसान को खुद करना पड़ता है। लेकिन Claude Cowork इस सोच को पूरी तरह बदल देता है।
Claude Cowork को सिर्फ एक चैटबॉट कहना इसकी ताकत को कम करके आंकना होगा। यह टूल आपके कंप्यूटर सिस्टम के भीतर जाकर काम करता है। आसान भाषा में समझें तो चैटबॉट एक फ्रीलांसर की तरह है—आपने काम दिया, उसने जवाब दिया और काम खत्म। लेकिन Cowork आपके ऑफिस का ऐसा जूनियर कर्मचारी है, जो सिस्टम में लॉग-इन करता है, फाइलें खोलता है, सॉफ्टवेयर चलाता है और एक के बाद एक टास्क पूरे करता चला जाता है।
इस टूल में 12 अलग-अलग प्लग-इन्स दिए गए हैं, जो कोडिंग से लेकर मार्केटिंग, लीगल ड्राफ्टिंग, अकाउंटिंग और डेटा एनालिसिस जैसे काम अपने आप कर सकते हैं। यानी जहां पहले किसी प्रोजेक्ट के लिए कई लोगों की टीम लगती थी, वहां अब एक एआई एजेंट घंटों का काम मिनटों में निपटा सकता है—बिना ब्रेक, बिना सैलरी और बिना गलती के।
यही बात सॉफ्टवेयर कंपनियों और निवेशकों को डराने लगी है। भारत और अमेरिका की आईटी कंपनियों का बिजनेस मॉडल अब तक “मैनपावर + बिलिंग आवर्स” पर टिका था। अगर एआई टूल्स खुद सिस्टम में घुसकर काम करने लगें, तो बड़ी-बड़ी टीमों की जरूरत ही कम हो सकती है। निवेशकों को डर है कि आने वाले समय में आईटी सर्विसेज कंपनियों की ग्रोथ धीमी पड़ सकती है, क्योंकि क्लाइंट्स कम लोगों में ज्यादा काम करवाना चाहेंगे।
सीधे शब्दों में कहें तो Claude Cowork सिर्फ एक नया सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि आईटी इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को चुनौती देने वाला टूल है। यही वजह है कि इसके लॉन्च होते ही बाजार में हलचल मच गई। अब असली सवाल यह नहीं है कि एआई आएगा या नहीं—सवाल यह है कि कंपनियां इस बदलाव के साथ खुद को कितनी तेजी से ढाल पाती हैं। क्योंकि जो वक्त के साथ नहीं बदलेगा, उसके लिए Cowork जैसे टूल सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।