छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा क्षेत्र में मधुमक्खियों का खतरा एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। नगर पंचायत बगीचा के अंतर्गत स्थित बगीचा वन रेंज ऑफिस के आसपास रिहायशी इलाकों, प्राथमिक शाला और अस्पताल के नजदीक बड़े पैमाने पर मधुमक्खी छत्ते मौजूद होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते छत्तों को हटाने और चेतावनी बोर्ड लगाने में वन विभाग उदासीन बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि बीते वर्ष भी मधुमक्खी हमलों में कई लोग घायल हुए थे, जिसके बाद प्रशासन ने प्रमुख चौक-चौराहों और सरकारी इमारतों से छत्ते हटाए थे। लेकिन अब फिर से स्कूल और अस्पताल के आसपास छत्तों की मौजूदगी से बच्चों, मरीजों और राहगीरों में भय का माहौल है।
स्थानीय नागरिकों और शिक्षकों का कहना है कि गर्मी बढ़ते ही मधुमक्खियां अधिक आक्रामक हो जाती हैं। तेज धूप, हवा और गंध के कारण झुंड अचानक हमला कर सकता है, जिससे गंभीर स्थिति बन जाती है। कई मामलों में डंक लगने से लोगों को अस्पताल तक पहुंचाना पड़ा है।
लोगों की मांग है कि वन विभाग तत्काल सर्वे कर संवेदनशील स्थानों से छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाए, चेतावनी बोर्ड लगाए और आपात स्थिति के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम तैनात करे। समय पर कार्रवाई न होने की स्थिति में यह खतरा बड़े हादसे में बदल सकता है।