छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। 17 वर्षीय उद्रेश वर्मा, जो 29 जनवरी से लापता था, उसका शव 12 फरवरी को जमनीडीह गांव के जंगल में बरामद हुआ। शव की हालत बेहद खराब थी—कई हिस्सों को जंगली जानवरों ने नोच लिया था और सिर गायब था। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, बलौदाबाजार जिले के ग्राम सर्वा निवासी उद्रेश 29 जनवरी को अपने दोस्तों के साथ टूड्री गांव में मड़ई मेला देखने गया था। लौटते समय उसने अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने की इच्छा जताई। दोस्तों के मना करने के बावजूद वह रात करीब 11 बजे जमनीडीह गांव पहुंचा। उसने दोस्त के मोबाइल से लड़की को कॉल किया और उसके बाद से वह लापता हो गया।
अगले दिन उसके दोस्त धर्मेंद्र वर्मा ने भंवरपुर पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। कुछ दिनों बाद गांव के पास उद्रेश का मोबाइल बरामद हुआ, जिससे पुलिस ने तलाशी अभियान तेज किया। डॉग स्क्वॉड और तकनीकी जांच की मदद ली गई, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
12 फरवरी की दोपहर तलाशी टीम को युवती के गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में शव मिला। परिजनों का आरोप है कि यह सीधा-सीधा हत्या का मामला है और शव को जंगल में फेंका गया है। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने चौकी का घेराव कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
मामले में एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर उद्रेश अपने दोस्तों से डरे हुए स्वर में बात करते सुना जा रहा है। बातचीत में वह कहता है कि वह “वहां से भाग रहा है” और छोटा रास्ता होने की बात करता है। हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस ने युवती और उसके परिवार से पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि दोनों की पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी और वे फोन पर बातचीत करते थे। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उद्रेश के मामा कुलेश्वर वर्मा और चाची सोनिया वर्मा ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि उनके बच्चे की हत्या हुई है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। 15 दिनों तक तलाश के बाद शव मिलने से परिवार सदमे में है।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं—हत्या, दुर्घटना या अन्य कोण—से मामले की पड़ताल की जा रही है। पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर आक्रोश और शोक का माहौल है।