उम्र भले ही सिर्फ सात साल हो, लेकिन हौसला समंदर जितना गहरा हो तो इतिहास बनना तय है। ठाणे के नन्हे तैराक Reyaansh Khamkar ने अरब सागर की लहरों को चुनौती देते हुए 30 किलोमीटर की सोलो तैराकी पूरी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
15 नवंबर 2025 को महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में मालपे जेट्टी से विजयदुर्ग तक की दूरी उन्होंने महज 7 घंटे 30 मिनट 11 सेकंड में तय की। इस असाधारण उपलब्धि के साथ उनका नाम World Book of Records में दर्ज हो गया है। इतनी कम उम्र में यह कारनामा कर वे इस दूरी को पूरा करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए हैं।
रेयांश की इस उपलब्धि से ठाणे शहर में उत्साह का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और खेल जगत के लोगों ने उन्हें सम्मानित किया और इसे शहर के लिए गर्व का क्षण बताया। सात साल की उम्र में अनुशासन, समर्पण और मानसिक मजबूती का ऐसा उदाहरण दुर्लभ माना जा रहा है।
रेयांश नियमित रूप से ठाणे नगर निगम के स्विमिंग पूल में कोच कैलाश अखाड़े के मार्गदर्शन में अभ्यास करते हैं। कड़ी ट्रेनिंग और निरंतर मेहनत ने उन्हें समुद्र जैसी चुनौती के लिए तैयार किया। यह उनका पहला रिकॉर्ड नहीं है। छह वर्ष की उम्र में ही उन्होंने 15 किलोमीटर तैरकर India Book of Records में अपना नाम दर्ज कराया था। पिछले एक वर्ष में वे राज्य और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 13 पदक जीत चुके हैं।
मालपे जेट्टी से विजयदुर्ग तक का समुद्री मार्ग आसान नहीं माना जाता। तेज धाराएं, बदलता मौसम और खुले समुद्र की परिस्थितियां अनुभवी तैराकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होती हैं। ऐसे में सात वर्षीय बच्चे का यह साहसिक प्रयास खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है।
रेयांश की कहानी सिर्फ एक रिकॉर्ड की नहीं, बल्कि उस जज्बे की है जो उम्र की सीमाओं को पीछे छोड़ देता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई है।