सिटी ब्यूटीफुल की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था आज एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi वर्चुअल माध्यम से 25 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। ये बसें केंद्र सरकार की PM E-Bus Sewa योजना के तहत चंडीगढ़ को मिली हैं। कार्यक्रम में चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया भी मौजूद रहेंगे।
इन अत्याधुनिक बसों के संचालन से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अभी कई प्रमुख रूट्स पर बसों के बीच 15 से 30 मिनट का अंतर रहता है, जिससे लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। प्रशासन का लक्ष्य इस गैप को घटाकर महज 10 मिनट करना है, ताकि सफर अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध हो सके।
केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है। पहले चरण में 25 बसें शुरू हो रही हैं। फरवरी के अंत तक 25 और बसें आने की संभावना है, जबकि बाकी 50 बसें मार्च और अप्रैल में मिल सकती हैं। सभी बसें शामिल होने के बाद शहर का ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पूरी तरह आधुनिक स्वरूप ले लेगा।
पिछले वर्ष 15 साल पुरानी करीब 85 डीजल बसों को हटाए जाने के बाद स्थानीय रूट्स पर बसों की कमी हो गई थी। नई ई-बसों के आने से यह कमी पूरी होगी और लंबी दूरी की बसें अपने मूल रूट्स पर लौट सकेंगी। फिलहाल ट्राइसिटी क्षेत्र में लगभग 80 इलेक्ट्रिक बसें पहले से संचालित हैं।
इस परियोजना के तहत 12 मीटर लंबी बसों के संचालन के लिए केंद्र सरकार 10 वर्षों तक प्रति किलोमीटर 24 रुपये की वित्तीय सहायता देगी। साथ ही चार्जिंग स्टेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 11.87 करोड़ रुपये की ग्रांट भी दी जाएगी। प्रशासन ने इसके लिए पीएमआई इलेक्ट्रोमोबिलिटी सॉल्युशंस के साथ अनुबंध किया है।
इन बसों को समावेशी और आधुनिक बनाया गया है। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि मेट्रो परियोजना के धरातल पर आने तक शहर में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने में मजबूत और आधुनिक बस सेवा ही सबसे प्रभावी समाधान होगी।
चंडीगढ़ के लिए यह पहल केवल नई बसों की शुरुआत नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।