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मौसम का अलर्ट: 11 राज्यों में बारिश की चेतावनी, उत्तर भारत में घने कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड का डबल अटैक

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नई दिल्ली : देशभर में मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण देश के 11 राज्यों में बारिश, गरज और तेज हवाओं का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

एक तरफ जहाँ उत्तर भारत के मैदानी इलाके घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ मध्य और पहाड़ी राज्यों में आसमानी बिजली और बारिश का खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली में भले ही आसमान साफ दिख रहा हो, लेकिन बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।

11 राज्यों के लिए भारी बारिश और आंधी का पूर्वानुमान

​मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के 11 राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मौसम बिगड़ने वाला है। इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

विशेष रूप से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी वाली हवाओं के मिलन के कारण हो रहा है, जिससे फरवरी के महीने में मानसून जैसा अहसास हो रहा है।

​दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में कोहरे का कहर

​राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर बुरा असर पड़ा है।

हालांकि, दिल्ली में दिन के समय आसमान साफ रहने और धूप खिलने की संभावना है, लेकिन राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक पहाड़ों पर बर्फबारी नहीं थमती, तब तक मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का टॉर्चर बना रहेगा।

​पहाड़ों पर बर्फबारी और ठिठुरती रातें

​हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी के कारण इन राज्यों के कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं और तापमान शून्य से नीचे चला गया है।

पहाड़ों की इस ठंड का सीधा असर मैदानी राज्यों के न्यूनतम तापमान पर पड़ रहा है। हिमाचल के कुछ पर्यटन स्थलों पर सैलानियों को भारी बर्फबारी के बीच सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि आने वाले 24 घंटों में बर्फबारी की तीव्रता और बढ़ सकती है।

​किसानों के लिए चिंता और सुरक्षा की सलाह

​अचानक हो रही इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सरसों और गेहूं की खड़ी फसल के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल टाल दें। आम जनता के लिए भी बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की चेतावनी जारी की गई है।

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