कारोबारी हफ्ते की शुरुआत भले ही दबाव में हुई, लेकिन दोपहर तक तस्वीर पूरी तरह बदल गई। शुरुआती गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। सुबह खुलते ही BSE Sensex 349 अंक से ज्यादा फिसलकर 82,276 पर आ गया था, जबकि NIFTY 50 98 अंक टूटकर 25,372 के स्तर तक चला गया। हालांकि यह कमजोरी ज्यादा देर कायम नहीं रही।
करीब एक बजे तक बाजार ने पलटवार किया। सेंसेक्स 347 अंक की तेजी के साथ 82,974 के आसपास पहुंच गया, वहीं निफ्टी 110 अंकों की बढ़त लेकर 25,581 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। शुरुआती दबाव के बाद निवेशकों की खरीदारी हावी रही और इंडेक्स हरे निशान में लौट आए।
निफ्टी पैक में क्वालिटी वॉल्स (इंडिया), पावर ग्रिड कॉरपोरेशन और कोल इंडिया जैसे शेयरों में 5% तक की तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर आईटी सेक्टर दबाव में रहा, जहां इन्फोसिस और टेक महिंद्रा में करीब 2% तक की गिरावट देखी गई।
तेजी की बड़ी वजहों में ‘वैल्यू बायिंग’ प्रमुख रही। शुक्रवार को भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते हो चुके शेयरों में मौके तलाशे। रियल्टी, फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर में अच्छी मांग दिखी। याद रहे कि शुक्रवार को सेंसेक्स 1,048 अंक गिरकर 82,626 पर बंद हुआ था और निफ्टी 336 अंक टूटकर 25,471 पर आ गया था।
वैश्विक संकेत भी मिले-जुले रहे। एशियाई बाजारों में हल्की मजबूती दिखी—हैंगसेंग 0.4% चढ़ा जबकि निक्केई 225 लगभग सपाट रहा। चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार अवकाश के कारण बंद थे। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में मिश्रित रुख के साथ बंद हुए थे।
करेंसी बाजार में रुपया शुरुआती कारोबार में 1 पैसे कमजोर होकर 90.67 प्रति डॉलर पर आ गया। डॉलर की मजबूती, विदेशी निवेश की निकासी और कच्चे तेल की हल्की तेजी ने दबाव बनाए रखा। इसके बावजूद इक्विटी बाजार में गिरावट के बाद खरीदारी ने यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा अभी बरकरार है।
कुल मिलाकर, सोमवार का सत्र यह दिखाता है कि अस्थिरता के दौर में भी बाजार मौके तलाश रहा है—घबराहट और अवसर, दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।