आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अचानक खर्च सामने आ जाना कोई नई बात नहीं है। कभी मेडिकल इमरजेंसी, कभी बच्चों की फीस, तो कभी कोई जरूरी पारिवारिक जरूरत—ऐसे समय में तुरंत पैसों की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। डिजिटल दौर ने इस मुश्किल को कुछ हद तक आसान जरूर किया है। अब आधार कार्ड के जरिए इंस्टेंट लोन लेना पहले से ज्यादा सरल और तेज हो गया है।
अगर आपके पास वैध आधार कार्ड है और उससे मोबाइल नंबर लिंक है, तो पहचान की प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो सकती है। ओटीपी आधारित वेरिफिकेशन से डिजिटल केवाईसी हो जाती है और कई मामलों में लोन का फैसला भी जल्दी मिल जाता है। लेकिन सुविधा जितनी आसान दिखती है, उतनी ही सतर्कता भी जरूरी है।
लोन के लिए आवेदन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आप पात्रता मानदंड पूरे करते हैं या नहीं। अधिकांश बैंक और एनबीएफसी यही देखते हैं कि आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक हो और उसकी नियमित आय हो। आप नौकरीपेशा हों या व्यवसायी, महत्वपूर्ण यह है कि आपकी आमदनी स्थिर हो। इसके साथ अच्छा क्रेडिट स्कोर भी बेहद अहम है। यदि आपने पहले के लोन या क्रेडिट कार्ड की किस्तें समय पर चुकाई हैं, तो आपकी स्वीकृति की संभावना बढ़ जाती है।
बाजार में कई मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म “मिनटों में लोन” का दावा करते हैं। ऐसे आकर्षक विज्ञापनों से प्रभावित होने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि लेंडर आरबीआई से पंजीकृत बैंक या एनबीएफसी हो। ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, लेट पेमेंट चार्ज और ईएमआई अवधि को ध्यान से पढ़ें। छोटी-सी अनदेखी आगे चलकर भारी ब्याज और अतिरिक्त शुल्क में बदल सकती है।
आवेदन की प्रक्रिया आमतौर पर पूरी तरह ऑनलाइन होती है। आपको नाम, पता, आय, पैन कार्ड और आधार नंबर जैसी जानकारी भरनी होती है। इसके बाद ओटीपी के जरिए पहचान की पुष्टि की जाती है। हालांकि आधार पहचान के लिए पर्याप्त होता है, फिर भी कई लेंडर सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट या आय से जुड़े दस्तावेज मांग सकते हैं। ज्यादातर प्लेटफॉर्म पर ये दस्तावेज डिजिटल रूप से अपलोड किए जा सकते हैं, जिससे प्रक्रिया पेपरलेस रहती है।
आवेदन स्वीकृत होने के बाद लोन ऑफर सामने आता है। इस चरण में जल्दबाज़ी न करें। हर महीने की ईएमआई, कुल ब्याज राशि और चुकाने की अवधि को अच्छी तरह समझ लें। शर्तों से संतुष्ट होने के बाद ही ऑफर स्वीकार करें। मंजूरी के बाद राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
इंस्टेंट लोन आपात स्थिति में बड़ी राहत दे सकता है, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि यह भी एक वित्तीय जिम्मेदारी है। उतना ही कर्ज लें, जितना वास्तव में जरूरी हो और जिसे आप समय पर चुका सकें। समझदारी से लिया गया लोन मददगार होता है, जबकि बिना सोचे लिया गया कर्ज भविष्य में आर्थिक बोझ बन सकता है।