इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले ये 7 बातें जरूर समझ लें, वरना बाद में हो सकता है पछतावा

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आज के समय में इलेक्ट्रिक कार लेना सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत बनता जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, पर्यावरण की चिंता और कम रनिंग कॉस्ट—ये तीनों वजहें लोगों को EV की ओर आकर्षित कर रही हैं। लेकिन सिर्फ “इलेक्ट्रिक” शब्द सुनकर फैसला कर लेना समझदारी नहीं है। सही EV चुनने के लिए कुछ अहम बातों पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।

सबसे पहले अपनी जरूरत को समझिए। आप रोज कितनी दूरी तय करते हैं? अगर आपका डेली रन 50 से 80 किलोमीटर के बीच है और घर या ऑफिस में चार्जिंग की सुविधा मौजूद है, तो 300–400 किमी रेंज वाली कार आपके लिए पर्याप्त है। लेकिन अगर आप लंबी यात्राएं करते हैं या हाईवे ड्राइव ज्यादा है, तो 450 किमी या उससे ज्यादा रेंज बेहतर विकल्प होगी। याद रखें कि ARAI द्वारा बताई गई रेंज और असली ड्राइविंग रेंज में लगभग 20–30% का अंतर हो सकता है, क्योंकि स्पीड, ट्रैफिक, एसी और ड्राइविंग स्टाइल का सीधा असर पड़ता है।

EV की जान उसकी बैटरी है। इसलिए बैटरी वारंटी को हल्के में न लें। ज्यादातर कंपनियां 8 साल या 1.6 लाख किलोमीटर तक की वारंटी देती हैं। अगर आप सेकंड हैंड EV लेने की सोच रहे हैं, तो बैटरी की “स्टेट ऑफ हेल्थ” रिपोर्ट जरूर जांचें। बैटरी डिग्रेडेशन पॉलिसी भी पढ़ें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता भी उतनी ही जरूरी है। घर पर 7.2 kW का वॉल चार्जर लग सकता है या नहीं, पहले यह सुनिश्चित करें। साथ ही देखें कि आपके शहर और रूट पर DC फास्ट चार्जिंग स्टेशन कितनी संख्या में हैं। लंबी यात्रा के दौरान यही सुविधा आपको मानसिक सुकून देती है।

बजट बनाते समय सिर्फ कार की एक्स-शोरूम कीमत न देखें। रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, होम चार्जर इंस्टॉलेशन (करीब 30–50 हजार रुपये) और एक्सेसरीज का खर्च भी जोड़ें। अच्छी बात यह है कि कई राज्यों में EV पर 1 से 2 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है। रनिंग कॉस्ट की बात करें तो EV लगभग 1 से 1.5 रुपये प्रति किलोमीटर में चल सकती है, जो पेट्रोल कार के मुकाबले काफी सस्ती है।

फीचर्स और सेफ्टी को नजरअंदाज करना बड़ी गलती हो सकती है। आज की आधुनिक EV में ADAS (Advanced Driver Assistance Systems), फास्ट चार्जिंग सपोर्ट, पर्याप्त बूट स्पेस और 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग जैसे फीचर्स देखना जरूरी है। परिवार के साथ सफर के लिए बूट स्पेस और एयरबैग्स की संख्या भी अहम भूमिका निभाते हैं।

अंत में, टेस्ट ड्राइव जरूर करें। इलेक्ट्रिक कार का त्वरित एक्सीलरेशन, बिना शोर की ड्राइविंग और स्मूद पावर डिलीवरी का अनुभव आपको खुद महसूस करना चाहिए। कई बार कागज पर अच्छे दिखने वाले फीचर्स असल में आपकी जरूरत से मेल नहीं खाते।

इलेक्ट्रिक कार खरीदना एक लंबी अवधि का निवेश है। सही गणना, सही तुलना और थोड़ी समझदारी आपको आने वाले कई वर्षों तक फायदा दे सकती है।

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