सर्राफा बाजार में आज फिर तेज हलचल देखने को मिली। चांदी की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान इस ओर गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 17 फरवरी को चांदी के दाम में 6,667 रुपए प्रति किलो की गिरावट आई है और इसकी कीमत घटकर 2,34,280 रुपए प्रति किलो रह गई है। इससे एक दिन पहले यह 2,40,947 रुपए प्रति किलो पर थी, यानी कुछ ही दिनों में बाजार ने तेज करेक्शन देखा है।
इसी तरह सोने की चमक भी आज फीकी पड़ी। 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर 2,903 रुपए घटकर 1,51,195 रुपए तक आ गया। सोमवार को यह 1,54,098 रुपए पर कारोबार कर रहा था। पिछले चार कारोबारी सत्रों की बात करें तो चांदी 32,169 रुपए और सोना 6,127 रुपए तक सस्ता हो चुका है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब हाल ही में दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी।
दरअसल 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3,85,933 रुपए प्रति किलो का ऑलटाइम हाई बनाया था। उस शिखर से अब तक सोना करीब 24,926 रुपए और चांदी 1,51,653 रुपए तक नीचे आ चुकी है। यह दर्शाता है कि बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना हुआ है और निवेशकों को सतर्क रहना जरूरी है।
कीमतों के ये आंकड़े इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाते हैं। इन दरों में 3% जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता, इसलिए अलग-अलग शहरों में खुदरा रेट अलग दिखाई देते हैं। इन्हीं दरों के आधार पर रिजर्व बैंक सोवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करता है और कई बैंक गोल्ड लोन की वैल्यूएशन के लिए भी इन्हें मानक मानते हैं।
बीते साल की तेजी पर नजर डालें तो 2025 सोने-चांदी के लिए जबरदस्त उछाल वाला साल रहा। साल की शुरुआत में 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो साल के अंत तक 1,33,195 रुपए तक पहुंच गया—यानी करीब 75% की बढ़ोतरी। वहीं चांदी 86,017 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2,30,420 रुपए तक पहुंच गई, जो करीब 167% की छलांग है। ऐसे में हालिया गिरावट को कई विशेषज्ञ प्रॉफिट बुकिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव से जोड़कर देख रहे हैं।
खरीदारों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है। सोना खरीदते समय हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क जरूर जांचें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है और अल्फान्यूमेरिक कोड इसकी प्रमाणिकता दर्शाता है। साथ ही खरीदारी से पहले उस दिन का रेट विश्वसनीय स्रोतों से मिलान कर लेना जरूरी है, क्योंकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव अलग-अलग होते हैं।
चांदी खरीदने वालों के लिए भी सतर्कता जरूरी है। असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती, उस पर रखी बर्फ तेजी से पिघलती है, उसमें कोई खास गंध नहीं होती और सफेद कपड़े से रगड़ने पर हल्का काला निशान छोड़ सकती है। ये सामान्य परीक्षण नकली और असली की पहचान में मदद कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद अब बाजार में करेक्शन का दौर दिख रहा है। निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है, क्योंकि सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव फिलहाल जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।