भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट Ranji Trophy 2026 में एक नई कहानी लिखी गई। जम्मू-कश्मीर ने पहली बार फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया। कल्याणी में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने बंगाल को 6 विकेट से हराकर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।
चौथे दिन जब 126 रन के लक्ष्य का पीछा शुरू हुआ तो मुकाबला आसान नहीं दिख रहा था। जम्मू-कश्मीर ने 71 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे और बंगाल मैच पर पकड़ बनाता नजर आ रहा था। लेकिन यहीं से खेल पलटा। अब्दुल समद और वंशज शर्मा ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए टीम को संभाला। समद ने 27 गेंदों में नाबाद 30 रन ठोके, जबकि वंशज शर्मा 43 रन बनाकर अंत तक डटे रहे। जीत का क्षण तब आया जब वंशज ने मुकेश कुमार की गेंद पर छक्का जड़ते हुए टीम को ऐतिहासिक फाइनल का टिकट दिला दिया।
इस जीत की नींव गेंदबाजों ने रखी थी। तेज गेंदबाज आकिब नबी ने पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 4 विकेट लेकर बंगाल की कमर तोड़ दी। उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। दूसरी पारी में सुनील कुमार ने भी 4 विकेट लेकर अहम योगदान दिया।
मुकाबले की शुरुआत में बंगाल ने सुदीप घरामी के 146 रन की बदौलत पहली पारी में 328 रन बनाए थे। जवाब में जम्मू-कश्मीर 302 रन पर सिमट गया। बंगाल को 26 रन की बढ़त मिली, जिसमें मोहम्मद शमी के 8 विकेट अहम रहे। लेकिन दूसरी पारी में बंगाल की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और टीम 99 रन पर ऑल आउट हो गई। यहीं से मैच की दिशा बदल गई।
126 रन का लक्ष्य कागज पर भले छोटा था, लेकिन दबाव बड़ा था। जम्मू-कश्मीर ने 34.4 ओवर में 4 विकेट खोकर इसे हासिल किया और फाइनल का रास्ता साफ किया। यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि उस टीम के आत्मविश्वास की कहानी है जिसने लगातार मेहनत और जुझारूपन से यह मुकाम हासिल किया।
अब नजर फाइनल पर है, जहां जम्मू-कश्मीर इतिहास को और सुनहरा बनाने के इरादे से उतरेगा।