दुर्ग, 18 फरवरी 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन, पारदर्शिता एवं परिणामोन्मुख प्रशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज दुर्ग जिले में आईगोट (iGOT) कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। सायं 4:00 से 6:00 बजे तक कलेक्टर सभा कक्ष, दुर्ग में आयोजित इस प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला स्तरीय अधिकारियों एवं नामित नोडल अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का आयोजन संभागायुक्त दुर्ग संभाग श्री सत्य नारायण राठौर के मार्गदर्शन में तथा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों को आईगोट (iGOT) (Integrated Government Online Training) प्लेटफॉर्म की संरचना, भूमिका-आधारित मॉड्यूल, स्व-आकलन प्रणाली तथा डिजिटल शिक्षण की व्यवहारिक उपयोगिता से अवगत कराया गया।
सत्र में यह रेखांकित किया गया कि ‘मिशन कर्मयोगी’ केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन लाने का राष्ट्रीय अभियान है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकारी अपने दायित्वों के अनुरूप निरंतर क्षमता निर्माण कर सकते हैं, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध सेवा वितरण एवं नागरिक संतुष्टि में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
संभागायुक्त श्री राठौर ने अपने उद्बोधन में कहा कि बदलते प्रशासनिक परिवेश में सतत सीखने की संस्कृति अत्यंत आवश्यक है। आईगोट (iGOT) कर्मयोगी प्लेटफॉर्म अधिकारियों को स्वयं को अद्यतन रखने एवं कार्यकुशलता बढ़ाने का सशक्त माध्यम प्रदान करता है, जिससे शासन व्यवस्था अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनती है।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण मॉड्यूल का नियमित अध्ययन कर अपने-अपने विभागों में उत्कृष्ट कार्यप्रदर्शन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित प्रशिक्षण भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था की आधारशिला है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा अनुभव साझा किए गए तथा प्रशासनिक सुधार, सेवा गुणवत्ता में वृद्धि एवं डिजिटल गवर्नेंस के विस्तार पर विचार-विमर्श किया गया।
उल्लेखनीय है कि आईगोट (iGOT) कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य में अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सतत एवं संरचित क्षमता निर्माण किया जा रहा है, जो सुशासन की अवधारणा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल सिद्ध हो रही है।