छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग को बड़ी स्वास्थ्य सौगात मिली है। जगदलपुर के डिमरापाल स्थित नवनिर्मित सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का संचालन हैदराबाद के Continental Hospitals समूह द्वारा किया जा रहा है। लगभग 240 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह अस्पताल 16 फरवरी से ट्रायल आधार पर शुरू हुआ है।
ट्रायल अवधि के पहले तीन दिनों में 100 से अधिक मरीजों का ओपीडी पंजीयन किया गया। इसी दौरान 52 मरीजों के एमआरआई और सीटी स्कैन किए गए। इनमें से दो मरीजों से शुल्क लिया गया, जबकि शेष 50 मरीजों का आयुष्मान कार्ड और बीपीएल श्रेणी के तहत नि:शुल्क जांच की गई। पंजीयन प्रक्रिया भी मुफ्त रखी गई है।
जानकारी के अनुसार, कॉन्टिनेंटल ग्रुप ने सितंबर में राज्य शासन के साथ एमओयू किया था। समझौते के तहत छह माह के भीतर अस्पताल का पूर्ण संचालन शुरू कर मरीजों को सेवाएं उपलब्ध करानी थीं, लेकिन तय समयसीमा के भीतर व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो सकी। फिलहाल ओपीडी सेवाएं नि:शुल्क और अन्य सुविधाएं सरकारी दरों पर कैशलेस उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
अस्पताल के एचओडी प्रभारी डॉ. इंद्रजीत साहा ने बताया कि 240 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी जैसे सुपर स्पेशियलिटी विभाग विकसित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है और आवश्यक पंजीयन व तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। ओपीडी, आईसीयू, इमरजेंसी और डायग्नोस्टिक सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण क्षमता के साथ शुरू किया जाएगा।
मेकाज के डीन डॉ. प्रदीप बेक और अस्पताल अधीक्षक डॉ. टीकू सिन्हा के अनुसार, गठित टीम की बैठक के बाद 1 अप्रैल से अस्पताल के औपचारिक संचालन की संभावना है। हालांकि अभी तक कॉन्टिनेंटल ग्रुप की ओर से डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की विस्तृत सूची प्रशासन को उपलब्ध नहीं कराई गई है।
बस्तर अंचल के लिए यह अस्पताल उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का नया केंद्र बन सकता है। अब नजर इस बात पर है कि अप्रैल से यह सुविधा पूरी क्षमता के साथ शुरू होकर क्षेत्रीय मरीजों को कितनी राहत दे पाती है।