छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 1.49 करोड़ रुपए की ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में उत्तराखंड और गुजरात से जुड़े इंटरस्टेट गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की कड़ियां नेपाल तक जुड़ी होने की भी आशंका जताई जा रही है।
यह मामला अंबागढ़ थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अंबागढ़ के एक कारोबारी को फोन कॉल के जरिए शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया। भरोसा दिलाने के बाद उनसे अलग-अलग बैंक खातों में किश्तों में कुल 1,49,50,000 रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। बाद में रकम को अन्य खातों में घुमाकर चेक और एटीएम के जरिए निकाल लिया गया।
पीड़ित कारोबारी कुनाल अग्रवाल, जो गंज लाइन क्षेत्र में पेट्रोल पंप संचालित करते हैं, ने 2 जनवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच उन्हें कई कॉल आए, जिनमें निवेश कर तेज मुनाफा कमाने का दावा किया गया। जब न तो कोई रिटर्न मिला और न ही संपर्क कायम रहा, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और I4C पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर पता चला कि जिन बैंक खातों में रकम जमा करवाई गई, उन पर पहले से भी कई शिकायतें दर्ज थीं। जांच में सामने आया कि पीड़ित से 5 अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने गुजरात और उत्तराखंड में दबिश देकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें मनोज कुमारजी, सनातन मंडल, योगेंद्र सिंह, युसुफ संधवानी, राहुल गुप्ता और गौतम भाई बागड़ा शामिल हैं। सभी को ट्रांजिट रिमांड पर अंबागढ़ लाया गया और कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसपी यशपाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों की चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में नेपाल से जुड़े व्यक्तियों की क्या भूमिका रही है।
पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और फंड ट्रांसफर की पूरी चेन की पड़ताल में जुटी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि शेयर बाजार में निवेश से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जांच करें और अनजान कॉल या लिंक के झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।