नक्सल प्रभावित जिलों की कहानी : माड़ में 18 सक्रिय, समर्पण या मौत के बाद नारायणपुर हो जाएगा नक्सलमुक्त

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जगदलपुर। केन्द्र सरकार द्वारा जारी नक्सल प्रभावित जिलों की सूची में छत्तीसगढ़ के छह जिले में सर्वाधिक नक्सल प्रभावित नारायणपुर भी शामिल है। यहां सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ विशेष अभियान चला रखा है। यही वजह है कि बीते दो साल में 99 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया गया, जिन पर करोड़ों रुपए का ईनाम घोषित था।

एक समय माड़ शीर्ष पोलित ब्यूरो व सेण्ट्रल सदस्यों के लिए आश्रय स्थल हुआ करता था, लेकिन वर्ष 2025 सुरक्षाबलों के लिए काफी सफल वर्ष रहा इसी साल संगठन की रीढ़ माने जाने वाले नक्सल महासचिव बसवा राजू व सीसीएम राजू उर्फ कट्टा रामचन्द रेड्डी व कोसा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था, जिसके बाद माड़ में सक्रिय सैकड़ों नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। बावजूद अभी भी डेढ़ दर्जन के लगभग हथियारबंद नक्सली यहां सक्रिय है, जिनके मारे जाने या समर्पण करने के बाद नारायणपुर भी नक्सलमुक्त जिले की श्रेणी में आ जाएगा।

बचे हुए नक्सलियों से हथियार डालने की अपील 
नारायणपुर जिले में बचे हुए शीर्ष नक्सलियों में उत्तर सब जोनल ब्यूरो सप्लाई टीम कमाण्डर डीव्हीसीएम मल्लेश ओड़ी व कम्पनी नम्बर 6 की पीपीसीएम रीना मण्डावी पति सूरज के अलावा एसीएम परतापुर एरिया कमेटी मंगेश परचापी उर्फ सोमलू, एसीएम कुमारी माली, कम्पनी नम्बर 6 की एसीएम रामको मण्डावी तथा मेंढकी एलओएस कमाण्डर व परतापुर एरिया कमेटी केएएमएस प्रभारी रूपी पति विजय रेड्डी समेत 18 हथियारबंद नक्सली सक्रिय है। बचे हुए नक्सलियों से लगातार समर्पण कर हथियार डालने की अपील की जा रही है।

दो साल में 99 मारे गए 315 ने हथियार डाला
वर्ष 2024 में सुरक्षाबलों ने नारायणपुर जिले के माड़ में विशेष अभियान चलाकर अलग अलग मुठभेड़ों में 56 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया था, वहीं वर्ष 2025 में 43 नक्सली मारे गए थे। इन दो वर्ष में 122 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया तथा 315 ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। वर्ष 2024 से 2026 के बीच नक्सलियों के कब्जे से 235 अत्याधुनिक हथियार बरामद किया गया। सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन के दौरान 109 कमाण्ड व प्रेशर आईईडी बरामद कर मौके पर निर्षक्रय कर दिया। विभिन्न ऑपरेशन के दौरान हुए मुठभेड़ में 6 जवानों की शहादत हुई। नक्सलियों के खात्में में माड़ में खोले गए सुरक्षा कैम्पों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके चलते नक्सलियों की आवाजाही को पूरी तरह बंद कर दिया गया। वर्ष 2024 में धूर नक्सल प्रभावित इलाकों में 7 नए कैम्प खोले गए, जबकि वर्ष 2025 में 24 तथा वर्ष 2026 में 4 नए कैम्प खोले गए। 

जल्द ही नारायणपुर जिला होगा नक्सलमुक्त
बस्तर आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि, बीते दो वर्ष में नारायणपुर जिले में सक्रिय दर्जनों शीर्ष नक्सलियों को मार गिराया गया है। अधिकांश हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। बचे हुए लगभग डेढ दर्जन नक्सलियों से समर्पण करने लगातार अपील की जा रही है।

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