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क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन: कैंसर से जिंदगी की जंग हारे; नोएडा में ली अंतिम सांस

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भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए सितारे रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। वह पिछले काफी समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे थे। पिता के निधन की खबर मिलने के बाद खेल जगत में शोक की लहर है और रिंकू के अलीगढ़ स्थित आवास पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।

जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में सब्स्टिट्यूट फील्डर के तौर पर दिखे

​26 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी-20 वर्ल्ड कप का अहम सुपर-8 मुकाबला खेला गया था। इस मैच की प्लेइंग-11 में रिंकू सिंह को शामिल नहीं किया गया था, उनकी जगह संजू सैमसन को टीम में जगह दी गई थी। हालांकि, रिंकू अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद टीम के साथ जुड़े हुए थे और वो मैच के दौरान मैदान पर सब्स्टिट्यूट फील्डर के रूप मे मौजूद थे। उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि रिंकू का परिवार इतने बड़े संकट से गुजर रहा है।

​स्टेज-4 कैंसर से जूझ रहे थे खानचंद्र सिंह

​रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का स्वास्थ्य पिछले कुछ दिनों से लगातार बिगड़ रहा था। कैंसर के आखिरी चरण स्टेज-4 में होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और वे अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे।

​रिंकू के वर्ल्ड कप खेलने पर सस्पेंस

पिता के निधन के बाद अब यह सवाल बना हुआ है कि रिंकू सिंह विश्व कप में आगे के मैचों का हिस्सा बनेंगे या नहीं। हालांकि बल्लेबाजी कोच ने पहले उम्मीद जताई थी कि रिंकू जल्द ही टीम के साथ जुड़ जाएंगे, लेकिन इस दुखद घटना के बाद उनकी वापसी को लेकर अभी कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया है।

24 फरवरी को पिता की नाजुक हालत देख प्रैक्टिस छोड़ अस्पताल गए थे रिंकू

​भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह की तबीयत बिगड़ने की खबर उस समय आई जब रिंकू चेन्नई में टी-20 वर्ल्ड कप के अभ्यास सत्र में व्यस्त थे। 24 फरवरी 2026 को रिंकू सिंह अचानक प्रैक्टिस सत्र बीच में ही छोड़कर ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल पहुंचे थे। उनके अचानक प्रेक्टिस छोड़कर चले जाने से कई अटकलें लगाई गईं, लेकिन बाद में टीम मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया कि उनके पिता स्टेज-4 कैंसर की वजह से गंभीर स्थिति में हैं।

रिंकू अपने पिता के पास अस्पताल पहुंचकर उनकी सेहत का हाल जाना और उनके साथ समय बिताया, जिसके बाद वे वापस टीम के साथ कल के मैच के लिए जुड़ गए थे।

​एक साधारण पिता का असाधारण संघर्ष

​रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा संघर्ष रहा है। अलीगढ़ में गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करने वाले खानचंद सिंह ने तमाम अभावों के बावजूद रिंकू को क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में हर संभव मदद की। आज जब रिंकू सफलता के शिखर पर हैं, तब उनके पिता का साथ छूट जाना उनके लिए एक बड़ी व्यक्तिगत क्षति है।

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