इस सप्ताह सर्राफा बाजार में एक बार फिर तेजी का रुख देखने को मिला है। सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। सोना करीब 4,000 रुपए की छलांग लगाते हुए 1.59 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि पिछले सप्ताह यह लगभग 1.55 लाख रुपए के स्तर पर था। वहीं चांदी ने भी जबरदस्त उछाल दिखाया और 2.50 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.67 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई। यानी चांदी के दाम में एक ही सप्ताह में 17,000 रुपए की बढ़त दर्ज हुई।
साल 2026 की शुरुआत से ही कीमती धातुओं में तेज उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, लेकिन कुल मिलाकर रुझान तेजी का ही रहा है। इस वर्ष अब तक सोना करीब 26 हजार रुपए महंगा हो चुका है, जबकि चांदी में 36 हजार रुपए से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनवरी के अंत में दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुए थे, जब सोना 1.76 लाख रुपए और चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक इस तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण सक्रिय हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मोड़ा है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा रूस-यूक्रेन वार्ता में ठहराव ने वैश्विक अनिश्चितता को बढ़ाया है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम भरे बाजारों से निकलकर सोने जैसे सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख कर रहे हैं।
दूसरा बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी उम्मीदें हैं। संकेत मिल रहे हैं कि इस वर्ष दरों में कटौती संभव है। जब ब्याज दरें घटती हैं तो सोने की मांग बढ़ती है, क्योंकि कम रिटर्न वाले बॉन्ड और डिपॉजिट के मुकाबले सोना अधिक आकर्षक विकल्प बन जाता है। तीसरा कारण हालिया गिरावट के बाद हुई खरीदारी को माना जा रहा है। कुछ समय पहले कीमतों में आई नरमी ने निवेशकों और ज्वेलर्स को सस्ते स्तर पर खरीदारी का मौका दिया, जिससे मांग में तेजी आई।
अंतरराष्ट्रीय निवेश बैंक UBS की रिपोर्ट भी सोने के पक्ष में मजबूत संकेत दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीदारी में लगातार वृद्धि हो रही है। 2025 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था और 2026 में यह आंकड़ा 950 टन तक पहुंचने का अनुमान है। साथ ही गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़कर 825 टन तक पहुंच सकता है, जो बाजार में मजबूत मांग का संकेत है।
रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं तो 2026 के मध्य तक सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में 6,200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। भारतीय बाजार में रुपया-डॉलर विनिमय दर को ध्यान में रखते हुए इसका भाव 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।
कुल मिलाकर, मौजूदा हालात में सोना और चांदी निवेशकों के लिए फिर से आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वैश्विक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की बढ़ती खरीद और ब्याज दरों में संभावित कटौती जैसे कारक आने वाले महीनों में भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।