1.72 लाख करोड़ का छत्तीसगढ़ बजट—महिला सशक्तिकरण से इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट तक विकास का रोडमैप

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रायपुर में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट ने छत्तीसगढ़ के विकास एजेंडे को नई दिशा देने का दावा किया है। Vishnu Deo Sai के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने 1.72 लाख करोड़ रुपए का व्यय अनुमान प्रस्तुत किया, जिसे “जनकल्याण और सर्वांगीण विकास” की थीम पर आधारित बताया गया। बजट में महिलाओं, किसानों, युवाओं, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी पर व्यापक प्रावधान किए गए हैं, जबकि पूंजीगत व्यय में वृद्धि को इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार का आधार माना जा रहा है।

कुल बजट में 1.45 लाख करोड़ राजस्व व्यय और 26,500 करोड़ पूंजीगत व्यय शामिल है। सरकार ने राजकोषीय घाटा GSDP का 2.87% रखा है, जो वित्तीय अनुशासन और विकास के संतुलन का संकेत देता है। केंद्र से पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता को 8,500 करोड़ तक बढ़ाया गया है, जिससे बड़े प्रोजेक्ट्स को गति मिलने की उम्मीद है।

महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संपत्ति खरीद पर पंजीयन शुल्क में 50% छूट की घोषणा की गई है। ‘रानी दुर्गावती योजना’ के तहत 18 वर्ष पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.5 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। महिला स्व-सहायता समूहों के लिए ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना’ और सामाजिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से 250 महतारी सदनों की स्थापना का प्रावधान भी शामिल है।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘कृषक उन्नति योजना’ में 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सिंचाई सुधार हेतु कृषि पंपों पर 5,500 करोड़ और भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योग, राइस मिल और एग्रो-प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ का विशेष निवेश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की जाएगी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त रायपुर में 200 बिस्तरों वाला नया अस्पताल, चिरमिरी जिला अस्पताल का उन्नयन और कालीबाड़ी में 200 बिस्तरों वाला आधुनिक मातृ-शिशु केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई है।

शिक्षा और शहरी विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है। पांच नई नालंदा लाइब्रेरी के लिए 22 करोड़, रायपुर में 200 सीटों वाला OBC छात्रावास और ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1,700 करोड़ और मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 200 करोड़ से सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की योजना है।

उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग का बजट बढ़ाकर 1,750 करोड़ कर दिया गया है। नवा रायपुर और राजनांदगांव में इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने के लिए प्रावधान किया गया है। साथ ही AI मिशन, स्टार्टअप मिशन, इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और टूरिज्म मिशन के लिए 100-100 करोड़ का प्रावधान भविष्य की अर्थव्यवस्था को तकनीकी आधार देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 14,300 करोड़ का ग्रीन बजट पेश किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ की सब्सिडी, वन संरक्षण के लिए 930 करोड़ और अभ्यारण्य व वाइल्डलाइफ विकास के लिए 11,000 करोड़ का प्रावधान जैव विविधता और हरित ऊर्जा विस्तार पर सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।

कुल मिलाकर यह बजट सामाजिक कल्याण, ग्रामीण सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास और पर्यावरण संतुलन को एक साथ साधने का प्रयास करता नजर आता है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि घोषित योजनाओं का क्रियान्वयन किस गति और प्रभावशीलता के साथ जमीन पर उतरता है।

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