ऑनलाइन-गेमिंग के नाम पर साइबर ठगी, 2 और आरोपी गिरफ्तार:पैसों का लालच देकर खुलवाया खाता, फिर रुपए देकर अकाउंट खरीदा, फिर करने लगे ट्रांजेक्शन

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दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहे अवैध लेन-देन का खुलासा किया। इस मामले में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन खातों के जरिए साइबर ठगी के पैसे ट्रांसफर किए जा रहे थे। ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े पैसों का भी लेन-देन हो रहा था।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि 8 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। मामला पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र का है। दरअसल, 30 दिसंबर 2025 को हुडको भिलाई निवासी 27 वर्षीय अविनाश दुबे ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने झांसा देकर अलग-अलग बैंकों में उनके नाम से खाते खुलवाए। खाते खुलवाने के बाद एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने पास रख लिए गए। बाद में उन्हीं खातों का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन में किया जाने लगा।

संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे आरोपी

जांच में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है। गिरोह लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था। फिर उन खातों को ऑनलाइन गेमिंग से आने वाले पैसों के ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल करता था। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है।

पहले छह आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

इस मामले में पहले लोकेश कुमार जाधव, टवन कुमार जाधव, विनय सिंह सेंगर, राजू गायकवाड़, अमित मिश्रा और विशाल मसीह को गिरफ्तार किया गया था। सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

सिद्धार्थ नगर में दबिश, दो और आरोपी पकड़े गए

पुलिस ने सिद्धार्थ नगर क्षेत्र में दबिश देकर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में बादल नाहरकर (21) निवासी वार्ड 34 और मुरारी महानंद (60) निवासी हरिजन पारा वार्ड 34 शामिल हैं।

डेबिट कार्ड से हुआ खुलासा

जांच के दौरान मुख्य आरोपी टवन कुमार जाधव से आईडीबीआई बैंक का एक डेबिट कार्ड जब्त किया गया। कार्ड की जांच में सामने आया कि वह बादल नाहरकर और मुरारी महानंद के नाम से जारी हुआ था। पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों ने अपने बैंक खाते गिरोह को पैसों के लालच में इस्तेमाल करने के लिए दिए थे।

पहले की कार्रवाई में कई एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल फोन भी जब्त किए जा चुके हैं। दोनों आरोपियों को 28 फरवरी को कोर्ट में पेश किया गया। न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है।

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