डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने एक बार फिर टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। लीग स्टेज के तीनों मुकाबले जीतकर टीम ने शानदार शुरुआत की, लेकिन सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका से मिली हार ने राह मुश्किल कर दी थी। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली उस हार के बाद समीकरण उलझ गए थे, मगर टीम इंडिया ने दमदार वापसी करते हुए लगातार दो जीत दर्ज कीं और टॉप-4 में जगह पक्की कर ली। इस सफर में पांच खिलाड़ियों ने निर्णायक भूमिका निभाई।
1. Sanju Samson – ‘करो या मरो’ में मैच विनर
वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं था। 196 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सैमसन ने ओपनिंग में उतरकर नाबाद 97 रन ठोक दिए। 50 गेंदों में खेली गई इस पारी ने भारत को संकट से उबारा। टूर्नामेंट में अब तक 143 रन बनाकर वे भरोसेमंद बल्लेबाज साबित हुए हैं।
2. Jasprit Bumrah – पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती झटका
कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में बुमराह ने मैच का रुख बदल दिया। सईम अयूब और कप्तान सलमान अली आगा को लगातार झटकों से पाकिस्तान दबाव में आ गया। 61 रन की बड़ी जीत ने भारत को सुपर-8 का रास्ता दिखाया।
3. Ishan Kishan – स्थिरता की मिसाल
नामीबिया के खिलाफ 61 और पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन की पारी खेलकर ईशान ने मिडिल ऑर्डर को मजबूती दी। पाकिस्तान के खिलाफ तिलक वर्मा के साथ 88 रन की साझेदारी ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। वे टूर्नामेंट में भारत के टॉप स्कोरर्स में शामिल हैं।
4. Varun Chakravarthy – विकेटों की झड़ी
स्पिन विभाग में वरुण चक्रवर्ती सबसे सफल रहे। सात मैचों में 12 विकेट लेकर वे टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। नामीबिया और नीदरलैंड के खिलाफ तीन-तीन विकेट और पाकिस्तान के खिलाफ दो विकेट लेकर उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजी को तोड़ा।
5. Hardik Pandya – ऑलराउंड प्रदर्शन
हार्दिक ने बल्ले और गेंद दोनों से असर डाला। 172 रन, दो अर्धशतक और 156 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट ने उन्हें एक्स-फैक्टर बनाया। नई गेंद से विकेट लेकर उन्होंने विरोधी टीमों को शुरुआती झटके दिए। अब तक छह विकेट भी उनके खाते में हैं।
भारत की सेमीफाइनल तक की यह यात्रा आसान नहीं थी, लेकिन इन पांच खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने टीम को मुश्किल दौर से बाहर निकाल दिया। अब नजर खिताब बचाने की चुनौती पर है।