छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पदमनाभपुर थाना क्षेत्र में पति-पत्नी की एक जोड़ी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने मंत्रालय और बाद में NTPC Limited में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये ऐंठ लिए।
पुलिस के अनुसार, बोरीगारका निवासी रविकांत साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रिया देशमुख और उनके पति प्रशांत कुमार देशमुख ने मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 पद पर नियुक्ति का भरोसा दिलाया। इस वादे के एवज में अलग-अलग किस्तों में रकम ली गई। जब मंत्रालय में नौकरी नहीं लगी, तो आरोपियों ने कहानी बदली और एनटीपीसी में एई (असिस्टेंट इंजीनियर) पद पर नियुक्ति कराने का दावा किया।
पीड़ित से इस नाम पर भी पैसे वसूले गए और बाद में ई-मेल के जरिए कथित नियुक्ति पत्र भेज दिया गया। शुरुआती तौर पर दस्तावेज असली प्रतीत हुआ, लेकिन जब जॉइनिंग प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो संदेह हुआ। जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी निकला।
शिकायत के बाद पदमनाभपुर थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 28 फरवरी 2026 को प्रिया देशमुख (36) और 1 मार्च 2026 को सह-आरोपी प्रशांत कुमार देशमुख (49) को गिरफ्तार किया। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र की ई-मेल प्रिंट कॉपी, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसी तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया है।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को बड़ी रकम न दें और केवल आधिकारिक भर्ती प्रक्रियाओं पर ही भरोसा करें।