छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई ने पुलिस महकमे को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के विवेकानंद कॉलोनी स्थित एक किराये के मकान से 24 किलो गांजा बरामद किया गया। शुरुआती गिरफ्तारी के बाद जो खुलासा हुआ, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश दी और मौके से गांजा जब्त कर दो युवकों—सुनील भगत और रवि विश्वकर्मा—को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान सुनील भगत ने दावा किया कि इस नेटवर्क में पुलिस विभाग के दो आरक्षक भी शामिल हैं। जांच आगे बढ़ी तो तपकरा थाने में पदस्थ आरक्षक धीरेन्द्र मधुकर और अमित त्रिपाठी के नाम सामने आए।
पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरक्षकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। पहले गिरफ्तार दोनों युवकों को जेल भेजा जा चुका था, वहीं अब दोनों आरक्षकों को भी न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। विभागीय स्तर पर भी जांच और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जशपुर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, लेकिन इसमें पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता ने मामले को और गंभीर बना दिया है।