छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने भिलाई में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम के दौरान वैश्विक राजनीति और मिडिल-ईस्ट में चल रहे तनाव पर तीखी टिप्पणी की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अगर दुनिया में सबसे ज्यादा डरा हुआ कोई देश है तो वह अमेरिका है। उनके मुताबिक अमेरिका को सबसे अधिक चिंता अपने डॉलर की ताकत को बचाने की है और इसी वजह से वह दुनिया के कई हिस्सों में दखल दे रहा है।
भूपेश बघेल ने कहा कि जहां-जहां तेल के बड़े भंडार मौजूद हैं, वहां अमेरिका किसी न किसी रूप में हस्तक्षेप करने की कोशिश करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वेनेजुएला, Iran और अन्य क्षेत्रों में चल रहे तनाव के पीछे भी अमेरिका की रणनीति काम कर रही है। उनके अनुसार वैश्विक स्तर पर कई संघर्षों के पीछे असली वजह आर्थिक हित और डॉलर की मजबूती को बनाए रखना है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मौजूदा समय में चल रहे Israel और ईरान के बीच तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया भर में इस संघर्ष को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का इस्तेमाल बड़े राजनीतिक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए किया जा रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि चर्चित “एपस्टीन फाइल” से ध्यान भटकाने के लिए भी वैश्विक तनाव को बढ़ाया जा रहा है।
इस दौरान उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump पर भी टिप्पणी की। बघेल ने कहा कि इस पूरे विवाद से ट्रम्प भी बच नहीं पाएंगे। साथ ही उन्होंने इशारों में भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी तंज कसते हुए कहा कि “हमारा वाला भी इससे बच नहीं पाएगा।”
दरअसल भिलाई के अजंता पैलेस में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भूपेश बघेल ने पूजा-अर्चना कर होलिका दहन से पहले पारंपरिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने मीडिया और उपस्थित लोगों के बीच कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी राय रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया विदेश दौरों को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की। बघेल ने कहा कि जो लोग कभी 56 इंच के सीने और विश्वगुरु बनने की बात करते थे, आज उनके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकल रहा है। उन्होंने कहा कि लोग इंतजार कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री मौजूदा वैश्विक संकट पर कुछ बोलें, लेकिन फिलहाल वे पूरी तरह चुप नजर आ रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh का भी जिक्र किया। बघेल ने कहा कि मनमोहन सिंह को कभी “मौनमोहन” कहा जाता था, लेकिन जब भी वे बोलते थे तो दुनिया उन्हें गंभीरता से सुनती थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज स्थिति यह है कि प्रधानमंत्री की आवाज ही सुनाई नहीं दे रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri का नाम लेते हुए कहा कि उनकी स्थिति भी आसान नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर मिडिल-ईस्ट में युद्ध की स्थिति बढ़ती है तो डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है और ब्लैक मार्केटिंग जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिडिल-ईस्ट दौरों पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि जब-जब प्रधानमंत्री मिडिल-ईस्ट की यात्रा पर गए हैं, तब-तब कोई न कोई बड़ी घटना सामने आई है। उन्होंने पिछले दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात में थे और फाइटर जेट के साथ उनका स्वागत हो रहा था, उसी समय देश में पहलगाम की घटना हुई थी।
हाल ही में प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान प्रधानमंत्री और इजराइली नेतृत्व की मुलाकात की तस्वीरें सामने आई थीं, जिसके बाद क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए। उन्होंने प्रधानमंत्री के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इजराइल को “फादरलैंड” और भारत को “मदरलैंड” बताया गया था। इस पर व्यंग्य करते हुए बघेल ने कहा कि इजराइल उनका फादरलैंड हो सकता है, लेकिन हमारा नहीं। उन्होंने कहा कि हमारी पहचान भारत माता से है।
भूपेश बघेल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद घर-घर सिंदूर भेजने की चर्चा हुई थी, लेकिन इस पहल को लेकर कई तरह के सवाल उठे और बाद में इसे बंद करना पड़ा। उनके मुताबिक उसी समय से राजनीतिक समीकरणों में गड़बड़ी शुरू हुई जो अब तक जारी है।
कार्यक्रम के दौरान माहौल हल्का-फुल्का भी रहा। जब बघेल ईरान-इजराइल तनाव के कारण संभावित पेट्रोल-डीजल संकट पर चर्चा कर रहे थे, तब उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूर्व गृहमंत्री Tamradhwaj Sahu की ओर इशारा करते हुए चुटकी ली। उन्होंने कहा कि जिनके पास कई पेट्रोल पंप हैं, वे शायद पहले से कुछ पंप बंद कर रहे होंगे। इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए साहू से पूछा कि क्या आपने भी ऐसा किया है? इस सवाल के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोग हंस पड़े, जबकि ताम्रध्वज साहू कुछ असहज नजर आए।
कुल मिलाकर भिलाई में आयोजित इस होली मिलन कार्यक्रम में राजनीतिक बयानबाजी और हल्के-फुल्के व्यंग्य दोनों देखने को मिले, जहां भूपेश बघेल ने वैश्विक राजनीति से लेकर देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों तक कई मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखी।