मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा हालात का असर अब शिक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में हालात को देखते हुए Central Board of Secondary Education यानी CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं को अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया है। बोर्ड ने 2, 5 और 6 मार्च 2026 को होने वाली कुछ परीक्षाओं को एहतियात के तौर पर टाल दिया है।
दरअसल मध्य पूर्व के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के कारण सुरक्षा स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। कई इलाकों में सार्वजनिक गतिविधियों पर असर पड़ा है और कुछ स्थानों पर स्कूलों को भी अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। इसका सीधा प्रभाव वहां रहने वाले भारतीय समुदाय और उनके बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है।
कम ही लोगों को यह जानकारी होती है कि खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में भारत के शिक्षा बोर्ड से संबद्ध बड़ी संख्या में स्कूल संचालित होते हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों भारतीय छात्र CBSE के पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली के अनुसार शिक्षा प्राप्त करते हैं।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार मध्य पूर्व के प्रमुख देशों में कुल 217 स्कूल CBSE से संबद्ध हैं। इनमें सबसे ज्यादा स्कूल United Arab Emirates में हैं, जहां 106 संस्थान संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा Saudi Arabia में 37, Kuwait में 26, Oman में 21, Qatar में 19 और Bahrain में 8 स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
इन स्कूलों में पढ़ाई का तरीका भारत के स्कूलों के समान ही होता है। यहां एनसीईआरटी की किताबों के आधार पर पढ़ाई कराई जाती है और परीक्षाएं भी CBSE के निर्धारित नियमों और शेड्यूल के अनुसार आयोजित की जाती हैं। कई स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जहां स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और खेल मैदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां भी नियमित रूप से कराई जाती हैं।
हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए बोर्ड ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कुछ परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला लिया है। यह निर्णय बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में लागू किया गया है। इन देशों में 2, 5 और 6 मार्च को निर्धारित परीक्षाएं फिलहाल टाल दी गई हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं रद्द नहीं की गई हैं, बल्कि केवल स्थगित की गई हैं। नई परीक्षा तिथियों की घोषणा स्थिति सामान्य होने के बाद की जाएगी। वहीं 7 मार्च को निर्धारित परीक्षा के बारे में फैसला स्थानीय हालात को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
शिक्षा बोर्ड का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह से एहतियात के तौर पर लिया गया है ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा या जोखिम का सामना न करना पड़े।