संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए पदों का विस्तृत विवरण जारी कर दिया है। Union Public Service Commission द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक इस वर्ष कुल 933 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों में Indian Administrative Service, Indian Police Service और Indian Foreign Service समेत कई प्रतिष्ठित केंद्रीय सेवाओं के पद शामिल हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 मई 2026 को आयोजित की जाएगी।
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में गिनी जाती है। इस परीक्षा के जरिए देश की विभिन्न प्रशासनिक और केंद्रीय सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। जारी आंकड़ों के अनुसार इस बार आईएएस के 180 पद, आईपीएस के 150 पद और आईएफएस के 40 पद निर्धारित किए गए हैं। इन सेवाओं में भी विभिन्न आरक्षित वर्गों के लिए अलग-अलग सीटें तय की गई हैं।
इसके अलावा अन्य केंद्रीय सेवाओं में भी कई पद शामिल हैं। इनमें Indian Audit and Accounts Service के 20 पद, Indian Civil Accounts Service के 15 पद, Indian Corporate Law Service के 20 पद और Indian Defence Accounts Service के 24 पद शामिल हैं। इसी तरह Indian Defence Estates Service के 10 पद, Indian Information Service के 15 पद, Indian Postal Service के 7 पद तथा Indian P&T Accounts and Finance Service के 18 पदों पर भर्ती की जाएगी।
आयोग द्वारा जारी कुल 933 रिक्तियों में श्रेणीवार वितरण भी तय किया गया है। इनमें 397 पद सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं, जबकि 243 पद अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए निर्धारित किए गए हैं। अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 133 पद और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 72 पद आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के लिए 88 पद तय किए गए हैं। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी कुल 33 पद आरक्षित रखे गए हैं।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। सबसे पहले अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा यानी प्रीलिम्स में शामिल होना पड़ता है। इसमें सफल होने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। मुख्य परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को इंटरव्यू या पर्सनैलिटी टेस्ट देना होता है।
अंतिम मेरिट लिस्ट मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। मुख्य परीक्षा कुल 1750 अंकों की होती है, जबकि इंटरव्यू के लिए 275 अंक निर्धारित किए गए हैं। दोनों चरणों के कुल अंकों के आधार पर उम्मीदवारों की रैंक तय होती है और उसी के अनुसार उन्हें सेवाएं आवंटित की जाती हैं।