लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, वैल्यू बाइंग और निवेशकों के बेहतर भरोसे के चलते बाजार ने मजबूत वापसी की। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1000 अंक की छलांग लगाकर लगभग 80,092 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं Nifty 50 करीब 323 अंक की तेजी के साथ 24,804 के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। पिछले तीन ट्रेडिंग सत्रों में दोनों प्रमुख सूचकांक लगभग 4 प्रतिशत तक टूट गए थे।
निफ्टी पैक के कई बड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। Reliance Industries, State Bank of India और HDFC Bank जैसे दिग्गज शेयरों में करीब 3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर Tata Consumer Products और Nestle India में हल्की गिरावट देखने को मिली।
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह वैल्यू बाइंग रही। हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने रियल्टी, मेटल, ऑटो और ऑयल-गैस सेक्टर के शेयरों में सस्ते दाम पर खरीदारी शुरू की। खासतौर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पिछले तीन सत्रों में करीब 4.5 प्रतिशत गिर चुके थे, लेकिन गुरुवार को इनमें लगभग 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद बाजार में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार के अनुसार युद्ध जैसे हालात में अचानक होने वाली घटनाएं बाजार को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आती है तो बाजार में जोखिम लेने का माहौल फिर से बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक गिरावट के मुकाबले भारतीय बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। एशियाई बाजारों में अच्छी मजबूती देखने को मिली। KOSPI में करीब 10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा Nikkei 225, Shanghai Composite और Hang Seng Index भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे।
बाजार की धारणा को बेहतर बनाने में India VIX में गिरावट ने भी अहम भूमिका निभाई। इंडिया VIX लगभग 10 प्रतिशत गिरकर 19.04 के स्तर पर आ गया। इसे बाजार का ‘फियर गेज’ कहा जाता है, इसलिए इसमें गिरावट निवेशकों की चिंता कम होने का संकेत देती है।
मुद्रा बाजार में भी मजबूती देखने को मिली। भारतीय रुपया करीब 48 पैसे मजबूत होकर 91.57 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि ऊंचे कच्चे तेल के दाम और विदेशी निवेशकों की निकासी अभी भी बाजार पर दबाव बनाए रख सकती है।
सेक्टर स्तर पर ऑयल और गैस कंपनियों में भी अच्छी खरीदारी हुई। ONGC और Oil India Limited के शेयरों में तेजी के चलते ऑयल-गैस इंडेक्स लगभग 2 प्रतिशत तक चढ़ गया।
फिलहाल बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि हालिया गिरावट निवेशकों के लिए मजबूत कंपनियों के शेयर सस्ते दाम पर खरीदने का मौका भी दे रही है।