छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड स्थित शिवतराई गांव में Ramen Deka ने दौरा किया और यहां रहने वाले बैगा व बिरहोर जनजाति के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से उनकी जीवनशैली, परंपराओं और सरकार की योजनाओं से मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल ने गांव में मौजूद आर्चरी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए प्रत्येक खिलाड़ी को पांच-पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और उन्हें रायपुर स्थित लोकभवन आने का निमंत्रण भी दिया।
दौरे के दौरान राज्यपाल ने करका गांव की ‘लखपति दीदी’ प्रमिला बैगा से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि वे गोंदा स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं और समूह की महिलाएं सिलाई, अचार-पापड़ निर्माण जैसी गतिविधियों के जरिए आजीविका चला रही हैं। इसके साथ ही बैगा समाज की महिलाएं बांस से कई उपयोगी उत्पाद भी तैयार कर रही हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिल रहा है।
राज्यपाल ने इस मौके पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, Pradhan Mantri Awas Yojana, राशन वितरण और PM Janman Yojana के तहत मिल रहे लाभों की जानकारी ग्रामीणों से सीधे ली। औरापानी की निवासी मंगली ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिला है। वहीं शिवतराई की ममता खुसरो ने बताया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड और महतारी वंदन योजना दोनों का लाभ मिल रहा है और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उन्होंने अल्सर का इलाज भी कराया है।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बैगा और बिरहोर समाज की संस्कृति और परंपराएं उनकी असली पहचान हैं, इसलिए इन परंपराओं को संरक्षित रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बांस से बनने वाले उत्पादों और पारंपरिक गहनों के निर्माण के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि इन समुदायों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। साथ ही उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की भी बात कही।
जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस अवसर पर जानकारी दी कि जिले में पीवीटीजी समुदाय के लगभग 6400 लोग 54 बसाहटों में रहते हैं। PM Janman Yojana के तहत करीब 900 आवास स्वीकृत किए गए हैं और 21 सड़कों का निर्माण कराया गया है। टाटीधार में एक बहुद्देशीय केंद्र भी बनाया गया है, जबकि तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से पीवीटीजी बसाहटों में स्वास्थ्य जांच और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीएम जनमन योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों तक पहुंचाया जाए और इन क्षेत्रों में नियमित रूप से मेडिकल कैंप लगाए जाएं। उन्होंने टीबी मरीजों के पोषण के लिए उन्हें गोद लेने की पहल को भी सराहा और इसे आगे बढ़ाने की बात कही।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने बैगा समाज के लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं और ग्रामीणों के बीच उपहार भी वितरित किए। बैगा समाज के प्रमुख लुमन सिंह बैगा ने पलाश के फूलों की माला पहनाकर राज्यपाल का स्वागत किया, जबकि बैगा महिलाओं ने उन्हें खुमरी पहनाकर पारंपरिक सम्मान दिया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।