मोदी ने इजराइल-ईरान जंग खत्म करने की अपील की, बोले– सैन्य संघर्ष से समस्याओं का समाधान नहीं

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को नई दिल्ली में Alexander Stubb के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान वैश्विक संघर्षों को लेकर चिंता जताई। बैठक के दौरान उन्होंने मिडिल ईस्ट और यूक्रेन में जारी युद्ध को जल्द समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी समस्या का समाधान सैन्य टकराव से नहीं निकल सकता।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों देश कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे मामला यूक्रेन का हो या मिडिल ईस्ट का, भारत हमेशा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और वैश्विक शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।

मध्य-पूर्व में इस समय Israel, Iran और United States के बीच तनाव चरम पर है। रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले छह दिनों से जारी हमलों में ईरान में बड़े पैमाने पर बमबारी हुई है। बताया जा रहा है कि अब तक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। हाल ही में तेहरान में भी कई स्थानों पर बमबारी की खबरें सामने आई हैं।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति स्टब के बीच हुई बैठक में केवल वैश्विक राजनीति ही नहीं, बल्कि तकनीकी सहयोग पर भी विस्तृत चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने डिजिटलाइजेशन, हरित ऊर्जा और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6G टेलीकॉम, स्वच्छ ऊर्जा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार और निवेश को और मजबूत करेगा।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की व्यक्तिगत उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्टब ने आयरनमैन ट्रायथलॉन जैसी बेहद कठिन प्रतियोगिता पूरी की है, जो दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण खेल प्रतिस्पर्धाओं में गिनी जाती है।

राष्ट्रपति स्टब ने भी भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया को “थोड़ा और भारतीय बनने” की जरूरत है। उनके अनुसार भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है बल्कि तेजी से उभरती वैश्विक शक्ति भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि यूरोप के लिए भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बन गया है और पिछले दशक में भारत में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।

राष्ट्रपति स्टब की यह भारत यात्रा चार दिनों की है, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत करना है। इस दौरान कई रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

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