इंस्टाग्राम पर चल रही ‘ऑनलाइन मंडी’, एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ठगी का बड़ा जाल, रायपुर समेत कई शहर निशाने पर

Spread the love

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram अब केवल फोटो और वीडियो शेयर करने का माध्यम भर नहीं रह गया है। हाल के दिनों में इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और ऑनलाइन ठगी के लिए भी होने लगा है। कई फर्जी अकाउंट और पेज एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर लोगों को जाल में फंसाने का काम कर रहे हैं। इन अकाउंट्स के जरिए देह व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश की जाती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूजर जब इंस्टाग्राम पर रील्स या पोस्ट स्क्रॉल करता है तो कई बार उसे ऐसे पेज दिखाई देते हैं, जहां आकर्षक तस्वीरों और ऑफर्स के जरिए तथाकथित “सर्विस” का प्रचार किया जाता है। एक क्लिक के साथ ही यूजर इन पेजों तक पहुंच जाता है, जहां डायरेक्ट मैसेज या बुकिंग लिंक का विकल्प दिया जाता है।

इस पूरे नेटवर्क का अगला चरण अक्सर Telegram से जुड़ा होता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इंस्टाग्राम पर दिए गए लिंक पर क्लिक करता है, उसे सीधे टेलीग्राम चैट पर भेज दिया जाता है। यहां सबसे पहले यूजर से उसका शहर और लोकेशन पूछी जाती है। जानकारी मिलते ही उसे एक पैकेज भेजा जाता है, जिसमें कथित तौर पर अलग-अलग “सर्विस” और उनके चार्ज बताए जाते हैं।

भरोसा दिलाने के लिए चैट में दर्जनों या सैकड़ों लड़कियों की तस्वीरें और प्रोफाइल भेजी जाती हैं। इन तस्वीरों का इस्तेमाल अक्सर इंटरनेट से चोरी करके या फर्जी तरीके से किया जाता है। कई बार यह भी दावा किया जाता है कि उनकी सर्विस “पिज्जा डिलीवरी से भी तेज और सस्ती” है और शहर के किसी भी इलाके में तुरंत उपलब्ध कराई जा सकती है।

लोगों को फंसाने के लिए शुरुआत में बहुत कम रकम मांगी जाती है। कई मामलों में सिर्फ 299 रुपये देकर बुकिंग करने की बात कही जाती है। इसके साथ ही कुछ फर्जी स्क्रीनशॉट भी भेजे जाते हैं, जिनमें कथित तौर पर अन्य ग्राहकों की सफल बुकिंग दिखाकर भरोसा दिलाने की कोशिश की जाती है।

लेकिन जैसे ही कोई व्यक्ति पैसे ट्रांसफर करता है, उसके बाद अलग-अलग बहानों से और रकम मांगी जाने लगती है। कभी सिक्योरिटी चार्ज, कभी होटल बुकिंग, तो कभी एंट्री फीस के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे जाते हैं। कई मामलों में पैसा मिलते ही सामने वाला अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाता है और यूजर को कोई जवाब नहीं मिलता।

साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के नेटवर्क सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके कई बड़े शहरों को टारगेट कर रहे हैं, जिनमें Raipur भी शामिल है। इन गिरोहों के लोग अक्सर फर्जी प्रोफाइल, चोरी की तस्वीरें और विदेशी नंबरों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

पुलिस के मुताबिक यह मामले मुख्य रूप से बातचीत के जरिए लोगों को फंसाकर पैसे ऐंठने से जुड़े हैं। कई संदिग्ध ऑनलाइन पेज और इंटरनेट एड्रेस की पहचान की जा चुकी है और उन्हें ब्लॉक करने की कार्रवाई भी की गई है। हालांकि, शर्म या डर की वजह से कई लोग शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिससे ऐसे मामलों की वास्तविक संख्या सामने नहीं आ पाती।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे ऑफर्स से दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है। थोड़ी सी लापरवाही आपको ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग या अन्य साइबर अपराध का शिकार बना सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *