छत्तीसगढ़ के Baloda Bazar जिले में इस बार होली का त्योहार पुलिस के लिए भावनात्मक माहौल के बीच गुजरा। जहां एक ओर पूरे जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभाई, वहीं दूसरी ओर अपने ही परिवार में हुई दुखद घटनाओं के कारण पुलिसकर्मियों की होली फीकी रह गई।
होली के अवसर पर जिले भर में पुलिस ने लगातार दो दिनों तक कड़ी निगरानी रखी, ताकि लोग बिना किसी डर के रंगों का त्योहार मना सकें। पुलिस की सक्रियता का ही परिणाम रहा कि कहीं भी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। कुछ स्थानों पर मामूली कहासुनी और छोटे विवाद जरूर हुए, लेकिन उन्हें भी तुरंत नियंत्रित कर लिया गया।
हर वर्ष होली के अगले दिन थाना परिसरों और पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ होली मिलन समारोह आयोजित किया जाता है। इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी और जवान अपने परिवार के साथ रंगों का त्योहार मनाते हैं। लेकिन इस बार पुलिस परिवार में हुई दुखद घटनाओं के कारण यह परंपरा निभाई नहीं जा सकी और होली मिलन समारोह को स्थगित कर दिया गया।
दरअसल, Hathband police station area में करीब एक सप्ताह पहले ड्यूटी के दौरान हुए सड़क हादसे में दो पुलिस आरक्षकों की मौत हो गई थी। इस घटना से पूरा पुलिस विभाग गहरे सदमे में है। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक के परिवार में मातृशोक और पुलिस लाइन में पदस्थ आरआई अधिकारी उषा ध्रुव के घर में भी मातृशोक होने के कारण पूरे पुलिस परिवार में शोक का वातावरण बना रहा।
इन्हीं कारणों से इस वर्ष पुलिसकर्मी अपने परिवारों के साथ होली का उत्सव नहीं मना सके। दूसरों की सुरक्षा और खुशियों के लिए दिन-रात ड्यूटी निभाने वाली पुलिस के लिए इस बार होली के रंग कुछ फीके ही रहे।