UPSC 2025 में छत्तीसगढ़ के 7 युवाओं की सफलता, रायपुर की वैभवी अग्रवाल 35वीं रैंक के साथ टॉपर

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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार छत्तीसगढ़ के सात युवाओं ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इनमें रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 35वीं रैंक हासिल की है और प्रदेश की टॉपर बनी हैं।

रायपुर के गुढ़ियारी इलाके की रहने वाली वैभवी अग्रवाल ने अपने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। रिजल्ट आने के बाद वे अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचीं और भगवान का आशीर्वाद लिया। बातचीत के दौरान वैभवी ने बताया कि शुरुआती दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनका कहना है कि बचपन से ही समाज सेवा करने का सपना था और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर उन्होंने लगातार तैयारी जारी रखी।

इस परीक्षा में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर की रहने वाली दर्शना सिंह बघेल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 383वीं रैंक हासिल की है। दूसरे प्रयास में मिली इस सफलता के बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए माना जा रहा है। दर्शना सिंह ने अपनी स्कूली शिक्षा उत्कृष्ट अंकों के साथ पूरी की थी और बाद में Indian Institute of Technology Kanpur से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उनके पिता अरुण सिंह बघेल किसान हैं, जबकि उनकी मां सीमा सिंह जनकपुर नगर पंचायत की पार्षद हैं।

धमतरी जिले के परसवानी गांव के रहने वाले डायमंड सिंह ने भी यूपीएससी परीक्षा में 623वीं रैंक हासिल की है। डायमंड सिंह वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के अधिकारी हैं और डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस सेवा में रहते हुए भी उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और इस बार सफलता हासिल की। इससे पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर डीएसपी पद प्राप्त किया था।

बलरामपुर जिले के विपुल गुप्ता ने अखिल भारतीय स्तर पर 103वीं रैंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा डीपीएस उक्कुनगरम, विशाखापट्टनम से पूरी की और बाद में Indian Institute of Technology Madras से स्नातक की पढ़ाई की। यह उनका तीसरा प्रयास था, जिसमें उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। इससे पहले वे यूपीएससी परीक्षा में 368वीं रैंक और भारतीय वन सेवा परीक्षा में 12वीं रैंक भी प्राप्त कर चुके हैं।

रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव के अजय गुप्ता ने भी 452वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। अजय गुप्ता के पिता धनुर्जय गुप्ता एक छोटे किसान हैं। अजय की प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में हुई, जिसके बाद उन्होंने National Institute of Technology Raipur से स्नातक किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बस्तर क्षेत्र में एक गैर-सरकारी संगठन के साथ काम करते हुए आदिवासी विकास के क्षेत्र में योगदान दिया, जिससे उन्हें सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा मिली।

इसके अलावा रायपुर के रौनक अग्रवाल और महासमुंद के संजय डहरिया भी यूपीएससी 2025 में चयनित होने वाले उम्मीदवारों में शामिल हैं। इन सभी युवाओं की सफलता ने प्रदेश के अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in और upsconline.nic.in पर देखा जा सकता है, जहां उम्मीदवार मेरिट लिस्ट और अपना परिणाम चेक कर सकते हैं।

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