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महानदी के बीच अवैध रपटा बनाकर वसूली : राहगीरों से 30 से 150 रुपये तक वसूले जा रहे, पैसे लेने के बाद नहीं देते रसीद

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बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में महानदी के बीच अस्थायी रपटा या ये कहे कि अवैध टोल बैरियर बनाकर राहगीरों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। नदी के दोनों छोर को जोड़ने के लिए मिट्टी और मुरूम डालकर बनाए गए इस रपटा पर नाका लगाकर आने-जाने वाले लोगों से पैसे वसूले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि, यह पूरा खेल प्रशासन की आंखों के सामने चल रहा है और पर्यावरण नियमों की भी खुलेआम अनदेखी हो रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बलौदाबाजार और कसडोल विकासखंड के पैसर और छेछर गांव के बीच महानदी का है। जहां नदी के बीच मिट्टी डालकर अस्थायी रपटा बनाया गया है। इसी रपटा से होकर लोग नदी पार कर रहे हैं, लेकिन यहां कुछ लोगों ने अवैध नाका लगाकर राहगीरों से जबरन पैसे वसूलना शुरू कर दिया है।

पैसे लेने के बाद नहीं दी जाती रसीद
आरोप है कि, दो पहिया और चार पहिया वाहन चालकों से करीब 30 रुपये से लेकर 150 रु तक वसूले जा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि, पैसे लेने के बाद किसी तरह की रसीद भी नहीं दी जा रही। इस पूरे मामले में स्थानीय जनपद पंचायत सदस्य का नाम भी सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके संरक्षण में ही यह अवैध वसूली का खेल चल रहा है।

बिना अनुमति नहीं हो सकता निर्माण 
इधर पर्यावरण नियमों के मुताबिक, नदी के भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति जरूरी होती है और एनजीटी के नियमों के तहत बिना अनुमति नदी में निर्माण नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद महानदी के बीच मिट्टी डालकर रपटा बना दिया गया है।

इस मामले पर नहीं है प्रशासन की नजर
बताया जा रहा है कि, इससे पहले भी इसी स्थान पर रपटा बनाकर अवैध वसूली की शिकायत सामने आई थी, जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई की थी। लेकिन इस बार फिर से वही खेल शुरू हो गया है। अब बड़ा सवाल यह है कि, आखिर प्रशासन की नजर इस पूरे मामले पर क्यों नहीं पड़ रही है और कब तक महानदी के बीच अवैध रपटा बनाकर लोगों से वसूली का यह खेल चलता रहेगा।

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