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हिस्सेदारी बिक्री की खबर से Bandhan Bank के शेयर में भारी गिरावट, 10% टूटकर लोअर सर्किट पर पहुंचा

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सोमवार को शेयर बाजार में Bandhan Bank के निवेशकों को बड़ा झटका लगा, जब बैंक का शेयर अचानक तेज गिरावट के साथ 10 प्रतिशत टूट गया। कारोबार के दौरान स्टॉक 157.95 रुपये पर पहुंचकर लोअर सर्किट में लॉक हो गया। बाजार में यह गिरावट उस खबर के बाद आई, जिसमें कहा गया कि बैंक की प्रमोटर कंपनी Bandhan Financial Services अपनी हिस्सेदारी बेचने या संभावित आईपीओ जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है।

दोपहर के कारोबार में शेयर की यह गिरावट इतनी तेज रही कि यह BSE Midcap Index में दिन का सबसे बड़ा लूजर बन गया। हालांकि इस गिरावट से पहले पिछले एक साल के दौरान बैंक के शेयर में लगभग 30 प्रतिशत की तेजी देखी गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रमोटर कंपनी ने संभावित विकल्पों की जांच के लिए वैश्विक निवेश बैंक Jefferies को नियुक्त किया है। जेफरीज यह आकलन करेगा कि क्या निजी इक्विटी निवेशकों को हिस्सेदारी बेची जा सकती है या फिर कंपनी के जरिए आईपीओ लाकर निवेशकों को बाहर निकलने का मौका दिया जा सकता है।

बताया जा रहा है कि यह कदम उन संस्थागत निवेशकों को एग्जिट देने के लिए उठाया जा रहा है, जिन्होंने लंबे समय से कंपनी में निवेश कर रखा है। इनमें International Finance Corporation और GIC Ventures जैसे बड़े निवेशकों के नाम शामिल हैं। ये निवेशक अब अपने निवेश को भुनाने के विकल्प तलाश रहे हैं।

फिलहाल बंधन बैंक में प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी लगभग 39.74 प्रतिशत है। ऐसे में हिस्सेदारी बिक्री की योजना का एक कारण नियामकीय नियमों का पालन करना भी माना जा रहा है। अगर प्रमोटर हिस्सेदारी कम होती है तो इससे नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करना आसान हो सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मुद्दे पर सोमवार को बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज के बोर्ड की बैठक में भी चर्चा हुई। जेफरीज को विशेष रूप से निजी इक्विटी फंड्स और बड़े निवेशकों के बीच संभावित रुचि का आकलन करने की जिम्मेदारी दी गई है। अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो मौजूदा निवेशकों को अपने शेयर बेचने का अवसर मिल सकता है और कंपनी के स्वामित्व ढांचे में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

इस बीच एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम फरवरी में हुआ था, जब Reserve Bank of India ने SBI Mutual Fund को बंधन बैंक में 9.99 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दी थी। इस फैसले के बाद बाजार में बैंक के शेयर को लेकर सकारात्मक माहौल बना था।

हालांकि अब प्रमोटर हिस्सेदारी बिक्री और संभावित आईपीओ की खबर सामने आने से निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई है। यही कारण रहा कि सोमवार को बाजार खुलते ही शेयर में भारी बिकवाली देखने को मिली और स्टॉक सीधे लोअर सर्किट तक गिर गया।

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