छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो एक महिला एनजीओ कार्यकर्ता को सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये के साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने एनजीओ कार्यकर्ता के बैंक खाते का इस्तेमाल करते हुए लगभग 2.17 करोड़ रुपये का लेनदेन कराया। जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क का संबंध देशभर में दर्ज करीब 44 साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़ा हुआ है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह सोशल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram के जरिए साइबर ठगों को कॉरपोरेट बैंक खाते उपलब्ध कराता था। इन खातों का उपयोग ठगी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। इसके बदले गिरोह के सदस्य कुल रकम का लगभग 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे।
जांच में यह भी पता चला कि इस संगठित नेटवर्क के जरिए देश के कई राज्यों में साइबर ठगी की बड़ी रकम का लेनदेन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए Shashi Mohan Singh ने बताया कि जिले में साइबर थाना शुरू होने के बाद साइबर अपराधों की जांच में तेजी आई है। पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों के डिजिटल नेटवर्क को ट्रैक कर रही है और आने वाले समय में इस तरह के अपराधों पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और इस पूरे साइबर नेटवर्क के बड़े सरगनाओं की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।