छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में चल रहे अवैध अफीम कारोबार पर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। लंबे समय से सक्रिय इस नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर की गई, जिससे साफ है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी का संगठित नेटवर्क है।
पुलिस टीम ने झारखंड के चतरा और बिहार के गया क्षेत्र में दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ा। जांच में सामने आया है कि कुसमी के त्रिपुरी और खजुरी इलाके में हो रही अफीम की खेती के पीछे एक ही गिरोह सक्रिय था, जो सुनियोजित तरीके से इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था। यह नेटवर्क न केवल खेती तक सीमित था, बल्कि तस्करी और सप्लाई की पूरी चेन भी संभाल रहा था।
बलरामपुर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में है। अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों सरगनाओं से मिली जानकारी के आधार पर कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं, जिससे इस अवैध कारोबार की परतें खुलेंगी।
बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर रमनलाल ने स्पष्ट किया है कि पुलिस इस मामले में एंड-टू-एंड कार्रवाई कर रही है और इस धंधे से जुड़े हर एक आरोपी को पकड़ने तक अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होंगी और पूरे नेटवर्क का सफाया किया जाएगा।
कुसमी क्षेत्र में इस तरह की अवैध खेती का खुलासा होना प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय है, लेकिन पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि अब ऐसे गैरकानूनी कारोबार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।