छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। Indian National Congress द्वारा विधानसभा घेराव से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला बोला और कई जन मुद्दों को लेकर मोर्चा खोला।
नेता प्रतिपक्ष Charan Das Mahant ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं दिया गया, इसलिए वे बहिष्कार कर बाहर आए हैं। उनके मुताबिक सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों के हितों पर ध्यान दे रही है, जबकि गरीबों और आम जनता के मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीबों के अधिकारों के लिए खड़ी रही है और आगे भी उनकी आवाज उठाती रहेगी।
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने मनरेगा, किसानों और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि पार्टी इन सवालों पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के साथ वादाखिलाफी हुई है और धान खरीदी के मुद्दे पर सरकार ने उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
इसके साथ ही उन्होंने गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और कथित गैस संकट को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। बैज ने यह भी कहा कि प्रदेश में नशे और अवैध गतिविधियों को रोकने में सरकार विफल रही है और इस पर गंभीर सवाल उठते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएं और संघर्ष को और तेज करें। उनका कहना है कि आने वाले समय में पार्टी मजबूती के साथ वापसी करेगी।
कुल मिलाकर, मनरेगा, महंगाई और किसानों के मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमाती नजर आ रही है, जहां सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।