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भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस–3 में मॉक ड्रिल का आयोजन

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वैधानिक सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप–3 के कन्वर्टर फ्लोर पर 17 मार्च, 2026 को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस ड्रिल में एक गंभीर आपात स्थिति का सिमुलेशन किया गया, जिसमें कन्वर्टर–1 एवं कन्वर्टर–2 के मध्य हॉट मेटल ले जा रही लैडल में पंक्चर होने की स्थिति दर्शाई गई, जिससे पिघला हुआ हॉट मेटल फैल गया तथा तीन कर्मचारियों के झुलसने की परिकल्पना की गई। इस दौरान एक कर्मचारी के बेहोश होने की स्थिति भी प्रदर्शित की गई, जिसे सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की गई।

आपात स्थिति की घोषणा प्रातः 10:00 बजे कन्वर्टर जी शिफ्ट इंचार्ज महाप्रबंधक (एसएमएस–3) श्री अतुल बेंडाले एवं उनकी टीम के सदस्य उप महाप्रबंधक श्री सुधीर रामटेके द्वारा इमरजेंसी सायरन बजाकर की गई। सायरन सुनते ही कन्वर्टर फ्लोर पर उपस्थित सभी कर्मियों ने तत्परता से निर्धारित असेंबली प्वाइंट की ओर व्यवस्थित रूप से प्रस्थान किया, जिससे उनकी जागरूकता एवं तत्परता का उत्कृष्ट प्रदर्शन हुआ।

सूचना प्राप्त होते ही मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस–3) श्री त्रिभुवन बैठा तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति की कमान संभाली। उनके साथ महाप्रबंधक एवं विभागीय सुरक्षा अधिकारी (एसएमएस–3) सुश्री पुष्पा एम्ब्रोस, महाप्रबंधक (प्रभारी संचालन) श्री डी. विजिथ, महाप्रबंधक (ऑपरेशन–बीओएफ) श्री पी. के. अग्रवाल, महाप्रबंधक (रखरखाव) श्री पी. सतपथी तथा महाप्रबंधक (यांत्रिकी) श्री अजित नारायण भी मौके पर उपस्थित रहे। नेतृत्व टीम ने प्रभावी समन्वय के साथ आपात स्थिति का प्रबंधन करते हुए त्वरित एवं संगठित कार्रवाई सुनिश्चित की।

वहीँ मेन मेडिकल पोस्ट, फायर ब्रिगेड, सीआईएसएफ, सिविल डिफेंस एवं सेफ्टी कंट्रोल सहित सभी सहायक सेवाओं ने तुरंत सहयोग प्रदान किया। घायल कर्मियों को शीघ्र प्राथमिक उपचार प्रदान कर सुरक्षित बाहर निकाला गया व बेहोश कर्मचारी को भी समन्वित प्रयासों के माध्यम से बाहर लाया गया। ड्रिल परिदृश्य के अनुसार मेन मेडिकल पोस्ट द्वारा सभी प्रभावित व्यक्तियों की स्थिति सामान्य बताई गई।

रेस्क्यू कार्य पूर्ण होने के पश्चात फायर ब्रिगेड द्वारा फैले हुए गर्म धातु को ठंडा करने की कार्रवाई की गई, जिससे किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके। पूरे क्षेत्र की गहन जांच कर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी व्यक्ति जोखिम में न हो। स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में आने के उपरांत फायर ब्रिगेड द्वारा विभागाध्यक्ष को “ऑल क्लियर” सिग्नल प्रदान किया गया, जिसके पश्चात एरिया इंचार्ज द्वारा लगातार सायरन बजाकर स्थिति सामान्य होने की पुष्टि की गई।

ड्रिल के समापन पर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस–3) श्री त्रिभुवन बैठा ने सभी टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया, उत्कृष्ट समन्वय एवं अनुशासन की सराहना की। उन्होंने इस प्रकार के अभ्यासों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह वास्तविक आपात स्थितियों में तैयारी को सुदृढ़ करने तथा प्रतिक्रिया समय को कम करने में सहायक होते हैं।

समग्र रूप से यह मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के बीच सुदृढ़ समन्वय, प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली एवं कर्मचारियों में उच्च स्तर की सुरक्षा जागरूकता का प्रदर्शन हुआ। यह अभ्यास उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, जैसे कन्वर्टर फ्लोर, में आपात स्थितियों से निपटने हेतु सतत तैयारी की जांच एवं जागरूकता के लिए किया गया।

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