बिहार के सारण जिले से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत ने एक बार फिर राज्य में शराबबंदी के बावजूद फल-फूल रहे अवैध कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मशरक और पानापुर क्षेत्रों में हुई इस घटना के बाद गांवों में मातम पसरा हुआ है और लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।
प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि इन मौतों के पीछे मिथाइल अल्कोहल मिला जहरीला मिश्रण जिम्मेदार था। यह वही खतरनाक केमिकल है, जो शरीर में पहुंचते ही धीरे-धीरे अंगों को नुकसान पहुंचाता है और कई मामलों में सीधे मौत का कारण बनता है। जिन दो लोगों के शवों का पोस्टमार्टम हुआ, उनमें मिथाइल अल्कोहल की पुष्टि हुई, जबकि बाकी तीन लोगों का अंतिम संस्कार पहले ही कर दिया गया था।
इस घटना ने एक बार फिर यह उजागर कर दिया है कि कैसे अवैध शराब बनाने वाले लोग मुनाफे के लालच में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सस्ती शराब तैयार करने के लिए स्पिरिट में मिथाइल अल्कोहल मिलाया गया था। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसकी थोड़ी सी मात्रा भी इंसान की आंखों की रोशनी छीन सकती है और अधिक मात्रा सीधे मौत का कारण बन जाती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार एफआईआर दर्ज की हैं और दस लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना सूरत महतो समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।
बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बावजूद इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आना सरकार और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में ही उत्पाद कानून के तहत 1.25 लाख से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें तस्करों के साथ-साथ शराब पीने वाले भी शामिल थे। 2026 में भी यह सिलसिला जारी है और हजारों लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और अवैध शराब के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का दावा है कि इस तरह के मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सारण की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि जब तक अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसे हादसे लोगों की जान लेते रहेंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस बार प्रशासन की सख्ती कितनी कारगर साबित होती है और क्या वाकई ऐसे खतरनाक कारोबार पर पूरी तरह लगाम लग पाती है या नहीं।