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शेयर बाजार में तीसरे दिन भी धमाका: सेंसेक्स 700 अंक उछला, निफ्टी 23800 पार—लेकिन खतरा अभी बाकी

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भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन आई जोरदार तेजी ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। बुधवार को बाजार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नई ऊर्जा दिखाई, जहां BSE Sensex 700 अंकों से ज्यादा उछलकर 76,800 के पार पहुंच गया, वहीं Nifty 50 23,800 के अहम स्तर को पार कर गया। बाजार में यह तेजी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर व्यापक रूप से दिखा—करीब 2800 से ज्यादा शेयर हरे निशान में रहे, जबकि गिरावट वाले शेयरों की संख्या काफी कम रही।

इस तेजी की असली ताकत आईटी सेक्टर बना, जिसने बाजार को मजबूती देने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। Tech Mahindra, HCL Technologies और Tata Consultancy Services जैसे दिग्गज शेयरों में 3 से 4 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने इन शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिसे ‘वैल्यू बायिंग’ कहा जाता है। इसके अलावा, ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में AI से जुड़े संभावित जोखिमों को कम आंका गया, जिससे टेक सेक्टर में भरोसा और मजबूत हुआ।

बाजार को अंतरराष्ट्रीय मोर्चे से भी राहत मिली। कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में बनी रहीं और ब्रेंट क्रूड करीब 101 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। अगर यह 120 डॉलर के पार जाता, तो भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता था, लेकिन फिलहाल कीमतों में स्थिरता ने निवेशकों को भरोसा दिया है।

ग्लोबल संकेत भी बाजार के पक्ष में रहे। एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिली—दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 4% और जापान का निक्कई 2% से ज्यादा चढ़ा। अमेरिकी बाजारों के सकारात्मक बंद होने का असर भी भारतीय बाजार पर साफ नजर आया।

हाल की गिरावट के बाद निवेशकों ने लोअर लेवल पर खरीदारी का फायदा उठाया, जिससे बाजार में रिकवरी आई। इस हफ्ते अब तक सेंसेक्स और निफ्टी करीब 2% तक उबर चुके हैं, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक मजबूत कंपनियों पर फिर से भरोसा जता रहे हैं।

इस बीच एक और अहम संकेतक India VIX में गिरावट देखने को मिली, जो करीब 5% गिरकर 18.84 पर आ गया। इसका मतलब है कि बाजार में डर और अनिश्चितता कुछ हद तक कम हुई है। हालांकि, एक्सपर्ट्स अब भी सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतें अभी भी बड़ा जोखिम बनी हुई हैं।

कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल तेजी का माहौल है और निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है, लेकिन यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि खतरा पूरी तरह टल गया है। समझदारी इसी में है कि इस तेजी में भी सावधानी बरती जाए, क्योंकि बाजार की दिशा अभी भी वैश्विक घटनाओं पर निर्भर है।

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