छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में सड़क हादसों से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता—इलाज के खर्च—को कम करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। PM Road Accident Victim Relief Scheme का क्रियान्वयन अब जिले में शुरू हो गया है, जिससे हादसे में घायल लोगों को तुरंत और मुफ्त इलाज मिल सकेगा।
13 फरवरी 2026 को Narendra Modi द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य साफ है—दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन आवर’ में समय पर इलाज देकर ज्यादा से ज्यादा जिंदगियां बचाना। अक्सर देखा जाता है कि हादसे के बाद परिजन इलाज से ज्यादा खर्च की चिंता में उलझ जाते हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है। यह योजना उसी समस्या का समाधान लेकर आई है।
अब सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचते ही तुरंत उपचार मिलेगा और सबसे बड़ी बात यह है कि इलाज पूरी तरह कैशलेस होगा। योजना के तहत मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के बाद सात दिनों तक या अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त दिया जाएगा। यानी मरीज या उसके परिवार को एक भी रुपया खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यह सुविधा सिर्फ सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के सभी मान्यता प्राप्त अस्पतालों में उपलब्ध होगी। इसके साथ ही Ayushman Bharat Yojana से जुड़े 1600 से ज्यादा अस्पतालों में भी इस योजना का लाभ मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस योजना को अन्य स्वास्थ्य बीमा योजनाओं से भी अधिक प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि किसी भी घायल को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी के अनुसार, यह योजना उन परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगी, जो अचानक हुए हादसे के बाद आर्थिक संकट में फंस जाते हैं। अब समय पर इलाज और आर्थिक सुरक्षा दोनों एक साथ मिल पाएंगे।
कुल मिलाकर, यह पहल सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि आपातकालीन स्थिति में लोगों के लिए जीवन रक्षक कवच बनकर सामने आई है। अगर इसे सही तरीके से लागू किया गया, तो यह न केवल हजारों जिंदगियां बचा सकती है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में भरोसा भी मजबूत कर सकती है।