भारतीय शेयर बाजार में 19 मार्च का दिन निवेशकों के लिए किसी झटके से कम नहीं रहा। जहां एक दिन पहले बाजार ने शानदार तेजी दिखाई थी, वहीं आज अचानक माहौल पूरी तरह बदल गया और बाजार गहरी गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स करीब 1600 अंकों की भारी गिरावट के साथ 75,100 के स्तर तक आ गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 500 अंक टूटकर 23,300 के नीचे फिसल गया। इस तेज गिरावट ने निवेशकों के आत्मविश्वास को झकझोर दिया है और बाजार में घबराहट का माहौल बना दिया है।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में जोरदार बिकवाली रही। खासतौर पर बैंकिंग शेयरों में दबाव साफ दिखाई दिया, जिसने पूरे बाजार को नीचे खींच लिया। इस बीच सबसे बड़ा झटका HDFC बैंक से आया, जहां एक बड़े घटनाक्रम ने निवेशकों को चौंका दिया।
HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले का सीधा असर बैंक के शेयर पर पड़ा, जो करीब 5% तक गिर गया और लगभग 804 रुपए के आसपास ट्रेड करने लगा। चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में साफ तौर पर बैंक के कामकाज के तरीकों पर सवाल उठाए और कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने ऐसी कई चीजें देखीं जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खातीं। इस बयान ने बाजार में और ज्यादा असमंजस और चिंता का माहौल बना दिया।
हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कदम उठाए गए और रिजर्व बैंक की मंजूरी के बाद केकी मिस्त्री को 19 मार्च 2026 से तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया। फिलहाल वे बैंक के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर जुड़े हुए थे, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।
भारतीय बाजार की इस गिरावट का असर केवल देश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा, वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स भी भारी दबाव में रहा। हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी लाल निशान में नजर आए। इससे साफ है कि वैश्विक स्तर पर भी बाजार का मूड कमजोर बना हुआ है।
अगर अमेरिकी बाजारों की बात करें, तो वहां भी 18 मार्च को गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स में बड़ी गिरावट आई, जबकि नैस्डैक और S&P 500 इंडेक्स भी दबाव में बंद हुए। इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला और आज की गिरावट को और गहरा बना दिया।
दिलचस्प बात यह है कि इससे ठीक एक दिन पहले यानी 18 मार्च को बाजार ने जबरदस्त तेजी दिखाई थी। सेंसेक्स 633 अंक चढ़कर 76,704 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 197 अंक ऊपर जाकर 23,778 के स्तर पर पहुंचा था। उस दिन आईटी और रियल्टी शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया था, लेकिन यह तेजी ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी।
आज की गिरावट ने यह साफ कर दिया है कि बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है और छोटी-छोटी खबरें भी बड़े उतार-चढ़ाव का कारण बन सकती हैं। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है, क्योंकि बाजार का रुख पल भर में बदल सकता है।