चर्चित ‘स्नेक वेनम केस’ में बड़ी राहत मिलने के बाद Elvish Yadav ने पहली बार खुलकर अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। Supreme Court of India द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और उससे जुड़ी सभी कानूनी कार्यवाहियों को रद्द किए जाने के बाद एल्विश ने कहा कि उन्होंने ढाई साल तक मानसिक उत्पीड़न सहा, लेकिन अब आखिरकार सच सामने आ गया है।
कोर्ट के फैसले के बाद एल्विश यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उन्हें शुरुआत से ही न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और वे लगातार अपनी बेगुनाही की बात कहते आए हैं। उन्होंने कहा कि नवंबर 2023 में केस दर्ज होने से लेकर गिरफ्तारी तक, उन्होंने हर बार यही कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मीडिया ट्रायल और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
एल्विश ने अपने बयान में भावुक होते हुए बड़ा सवाल उठाया—इन ढाई सालों में जो मानसिक तनाव उन्होंने और उनके परिवार ने झेला, उसकी भरपाई कौन करेगा? उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें कई बार सार्वजनिक रूप से अपमान और दबाव का सामना करना पड़ा, जिससे न सिर्फ उनकी छवि प्रभावित हुई बल्कि उनके परिवार पर भी असर पड़ा।
उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें किसी से माफी की उम्मीद नहीं है, लेकिन यह समझना मुश्किल है कि खोया हुआ समय और मानसिक पीड़ा आखिर कैसे वापस आएगी। एल्विश ने मीडिया कवरेज पर भी नाराजगी जताई और कहा कि बिना पूरी सच्चाई सामने आए ही उनके बारे में कई तरह की खबरें चलाई गईं, जिससे मामला और विवादित बन गया।
गौरतलब है कि यह मामला नवंबर 2023 में नोएडा में आयोजित एक कथित रेव पार्टी से जुड़ा था, जिसमें सांप के जहर के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए थे। मार्च 2024 में एल्विश यादव की गिरफ्तारी भी हुई थी और यह मामला लंबे समय तक सुर्खियों में बना रहा। हालांकि बाद में जांच में यह सामने आया कि जिन सांपों का इस्तेमाल किया गया था, वे जहरीले नहीं थे।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एल्विश यादव को बड़ी राहत मिल गई है और उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगने के बाद मीडिया और समाज का रवैया कितना संतुलित होना चाहिए।