छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai गुरुवार को जशपुर जिले के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने दीपू बगीचा में आयोजित सरहुल सरना महोत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ग्रामीण देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
जशपुर में उरांव समाज द्वारा हर वर्ष आयोजित होने वाला यह सरहुल पर्व प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम माना जाता है। इस पूजा में ‘साल वृक्ष’ की विशेष आराधना की जाती है, जो धरती माता, प्रकृति और सूर्य के मिलन का प्रतीक है। उरांव समाज के लोग इस अवसर पर प्राकृतिक शक्तियों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और पर्यावरण के साथ अपने गहरे संबंध को दर्शाते हैं।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व में समाज के पुजारी तीन दिनों तक उपवास रखते हैं और नए मिट्टी के घड़ों में सखुआ (साल) के फूल अर्पित कर पूजा करते हैं। माना जाता है कि इन फूलों में ‘सरना देवी’ का वास होता है, जिससे पूरे समुदाय में आस्था और श्रद्धा का वातावरण बना रहता है।
सीएम साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को चैत्र हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं। साथ ही उन्होंने विधानसभा में प्रस्तुत धर्म स्वतंत्रता विधेयक को लेकर कहा कि इस पर विस्तृत चर्चा होगी और आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
कुल मिलाकर, सरहुल सरना महोत्सव में मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने इस पारंपरिक उत्सव को और खास बना दिया, जहां आस्था, संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान का अद्भुत संदेश देखने को मिला।